logo

most visited

  • Covid-19 vaccine: MoU on Sinopharm co-production to be signed on August 16, 2021

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • Anyone can get dressed up and glamorous, but it is how people dress in their days off.

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • I always felt that my greatest asset was not my physical ability, it was my mental ability.

    • Xgenious
    • June 19, 2022

tags

  • News
  • Fashion
  • Politics
  • Sport
  • Food
  • Videos
  • Business

Follow Us

  • Dehradun Tuesday, 21 April 2026
  • Contact Us
logo
  • Home
  • Uttarakhand
    • Uttarakhand
    • Nainital
    • Dehradun
  • National
  • International
  • Economics
  • Sports
  • Entertainment
  • Education
  • Editorial
  • More
    • Technology
    • Spirituality
    • Thoughts
    • Lifestyle

BREAKING NEWS

  • Uttarakhand Weather Today, 19 April: देहरादून समेत मैदानी इलाकों में 40 के करीब पारा, पहाड़ों में भी बढ़ी तपिश.
  • कपाट खुलने से पहले बद्रीनाथ में रंगारंग कार्यक्रम, तीर्थ पुरोहितों ने जताया विरोध, बोले- यह सब मान्यताओं के खिलाफ.
  • दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे पर एक और तोहफा, रोडवेज बसों का कम हुआ किराया, जानिए अब कितने रुपये लगेंगे.
  • CBSE 10वीं की परीक्षा में उत्तरकाशी पुलिस परिवार के होनहारों ने किया शानदार प्रदर्शन, SP ने दी बधाई.
  • दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे: इमरजेंसी की हालत में अभी नहीं मिल पाएगी मदद, रेस्‍ट एरिया की सुविधा भी नहीं.
 
  • Home
  • दलित आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सब बोले, लेकिन मायावती ने मोदी का दिल ही दुखा दिया!

दलित आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सब बोले, लेकिन मायावती ने मोदी का दिल ही दुखा दिया!.

 
  • Naveen Kumar Pandey
  • 05 Aug 2024
  • 1033
image  

 

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को अधिकार दे दिया है कि वो दलितों (अनुसूचित जाति यानी एससी) में जातीय उपवर्गीकरण कर सकें। इसे व्यापक तौर पर आरक्षण का दायरा बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है, लेकिन वंचितों के नाम पर राजनीति करने वाले कुछ नेता बिफर पड़े हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करने वाले बड़े चेहरों में एक बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती भी हैं। मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करने वाले अन्य किसी भी नेता के मुकाबले बहुत तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि दरअसल कोर्ट के मार्फत आरक्षण खत्म करने की साजिश हो रही है। उन्होंने सीधा-सीधा केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का नाम लिया। ध्यान रहे कि आरक्षण खत्म करने के प्रचार ने ही बीजेपी को इस लोकसभा चुनाव में 240 सीटों पर ला पटका है। खासकर उत्तर प्रदेश में बीजेपी को सबसे बड़ा झटका लगा जहां वह 62 से घटकर 33 सीटों पर सिमट गई।

मायावती ने बीजेपी को तार-तार कर दिया

मायावती ने बीजेपी का नाम लेकर कहा कि उसकी मंशा आरक्षण खत्म करने की है, इसीलिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में उपवर्गीकरण के खिलाफ दलीलें नहीं दीं बल्कि इसका समर्थन किया। मायावती ने बीजेपी के साथ-साथ अपनी धुर विरोधी समाजवादी पार्टी (सपा) का भी नाम लिया। बसपा प्रमुख ने कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ आम आदमी पार्टी (आप) को भी आरक्षण विरोधी बताया क्योंकि वह पंजाब की सत्ताधारी पार्टी है जहां से मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। मायावती ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ-साफ कहा कि बीजेपी आरक्षण को निष्क्रिय और निष्प्रभावी बनाने और अंततः इसे समाप्त करने पर आमादा है। उन्होंने बीजेपी पर जातिवादी मानसिकता रखने का आरोप लगाया और कहा कि बीजेपी आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है।

"इन पार्टियों की जातिवादी मानसिकता बिल्कुल नही बदली है और वे लोग कोर्ट का सहारा लेकर पहले आरक्षण को निष्क्रिय और निष्प्रभावी और फिर अन्ततः इसे समाप्त करने पर उतारू हैं।

मायावती, बसपा प्रमुख"

सिर्फ मायावती ने बीजेपी की दुखती रग पर रखा हाथ

सोचिए, मायावती पर बीजेपी की बी टीम होने का आरोप लगता रहता है। बीजेपी विरोधी कई दल खुलकर कहते हैं कि मायावती चुनावों में बीजेपी की बी टीम की भूमिका निभाती हैं। बीते लोकसभा चुनाव सहित कुछ अन्य चुनावों में मायावती की निष्क्रियता ने इस आरोप को और भी गहरा बना दिया। लेकिन अब मायावती ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जिस तरह अन्य दलों के नेताओं से काफी हटकर सीधे बीजेपी को निशाना बनाया है, वह काफी दिलचस्प है। यूं कहें कि मायावती ने बीजेपी की दुखती रग पर हाथ रख दिया। उत्तर प्रदेश में ही सपा समेत दलित राजनीति करने वाले अन्य सभी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अपनी राय रखते वक्त बीजेपी का जिक्र करने से परहेज किया।

1. सामाजिक उत्पीड़न की तुलना में राजनीतिक़ उत्पीड़न कुछ भी नहीं। क्या देश के ख़ासकर करोड़ों दलितों व आदिवासियों का जीवन द्वेष व भेदभाव-मुक्त आत्म-सम्मान व स्वाभिमान का हो पाया है। अगर नहीं तो फिर जाति के आधार पर तोड़े व पछाड़े गए इन वर्गों के बीच आरक्षण का बंटवारा कितना उचित?

— Mayawati (@Mayawati) August 2, 2024

इसी तरह, बिहार में लालू प्रसाद यादव की आरजेडी हो या महाराष्ट्र में प्रकाश आंबेडकर की वंचित बहुजन अघाड़ी, किसी ने बीजेपी पर डायरेक्ट अटैक नहीं किया। इन सभी दलों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले से असहमति जताई है। लेकिन मायावती अकेली हैं जिन्होंने सीधे-सीधे बीजेपी पर आरक्षण खत्म करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी वाले अपने आपको एससी-एसटी समाज के लोगों का हितैषी होने का दावा करते रहते हैं, लेकिन अगर इनकी नीयत और नीति में थोड़ी भी सच्चाई है तो उन्हें बिना देरी किए आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में रखना चाहिए।

मायावती ने पूछा, क्यों नहीं सुप्रीम कोर्ट में दी गईं ये दलीलें?

मायावती ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस की कॉपी शेयर की है। मायावती ने कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इस उप-वर्गीकरण के पक्ष में जोरदार दलील रखते समय बीजेपी द्वारा केन्द्र शासित सरकार के एटॉर्नी जनरल, सॉलिस्टर जनरल, पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के महाधिवक्ता, हरियाणा एवं चण्डीगढ़ की ओर से अधिवक्ताओं ने एक महात्वपूर्ण तथ्य नहीं रखा है।

"बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा संविधान सभा में लंबे विचार-विमर्श के बाद बनाए गए आरक्षण के सिद्धांतों के साथ छेड़छाड़ करने का कार्य किया गया है जोकि आरक्षण को पूरी तरह समाप्त करने की मानसिकता के साथ उठाया गया यह एक गंभीर कदम है।

मायावती, बसपा प्रमुख"

उन्होंने कहा कि वर्गीकरण के तहत जिन जातियों को लाभ से वंचित कर दिया जाएगा, उन जातियों में अभी भी लाखों व्यक्ति ऐसे होंगे जिनको आरक्षण का लाभ नहीं मिल पाया है। अब उन्हें अनुच्छेद 341 एवं 342 के तहत एससी एवं एसटी वर्ग के समूह में होते हुए भी हमेशा के लिए आरक्षण से वंचित रहना पड़ेगा। मायावती ने कहा कि यह किसी प्रकार से भी न्यायसंगत और उचित नहीं होगा। यह पूर्ण रूप से असंवैधानिक भी होगा। मायावती ने कहा कि यह सभी उप-वर्गीकरण वाली जातियां आपस में ही कोर्ट कचहरी अदालतों में बरसों तक लड़ते रहेंगे और अंत में यह सभी लोग फिर वंचित रह जाएंगे।

"बीजेपी वाले अपने आपको एससी-एसटी समाज के लोगों का हितैषी होने का दावा करते रहते हैं, लेकिन अगर इनकी नीयत और नीति में थोड़ी भी सच्चाई है तोउन्हें यह काम बिना देरी करना चाहिए ।

मायावती, बसपा प्रमुख"

यूं संविधान बदले बिना आरक्षण खत्म करने की साजिश: मायावती

मायावती का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दलित आपस में भिड़ेंगे और कोर्ट-कचहरी का चक्कर लगाएंगे तो आरक्षण खत्म करने के लिए संविधान बदलने की नौबत ही नहीं आएगी। उन्होंने बीजेपी, कांग्रेस और सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि इन पार्टियों ने केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की तरफ से उचित पैरवी भी नहीं की है और काफी कुछ उप-वर्गीकरण के पक्ष में दलीलें रखी हैं जिनसे कि मौजूदा चल रहे आरक्षण के विरुद्ध निर्णय आए।

मायावती ने कहा कि इस मामले में माननीय सुप्रीम कोर्ट में उपवर्गीकरण की सुनवाई के दौरान ही भाजपा और कांग्रेस तथा इनकी सहयोगी पार्टियों मे खासकर पंजाब की आप पार्टी की सरकार तथा समाजवादी पार्टी के रवैयों से ऐसा लग रहा था कि इन पार्टियों की जातिवादी मानसिकता बिल्कुल नहीं बदली है। बसपा सुप्रीमो ने कहा कि ये पार्टियां कोर्ट का सहारा लेकर पहले आरक्षण को निष्क्रिय और निष्प्रभावी और फिर अन्ततः इसे समाप्त करने पर उतारू हैं।

 

 
Share
Previous Post
केदार घाटी में खराब मौसम के कारण बचाव कार्य में बाधा, सेना के हेलीकॉप्टर नहीं भर पा रहे उड़ान
Next Post
चेहरे की चमक के आगे फीकी पड़ जाएंगी लाखों की क्रीम, जब सोने से पहले लगाएंगे ये चीज
First Image Second Image

Follow Us

Subscribe Us

Subscribe Us For Latest Updates.

logo

Uttarakhandbyte is a fast-growing news platform delivering the latest news and analysis from India.

  • Editor: Kunal Kataria
  • 100 Sarthi Vihar, Ajabpur Danda, Post Office - NehruGram, Dehradun, Uttarakhand
  • 9557993990
  • uttarakhandbyte@gmail.com

Popular News

  • image

    'काली थार जिसने ले ली'; किसान नेता राकेश टिकैत ने अभिभावकों को चेताया, की सीएम योगी की तारीफ.

    • 04 Apr 2026
  • image

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का वाइल्ड लाइफ अंडरपास क्यों है खास? वन मंत्री ने दी पूरी जानकारी.

    • 14 Apr 2026
  • image

    Uttarakhand Weather Today, 24 March: देहरादून में मौसम शुष्क, बढ़ा तापमान, पहाड़ों में बारिश-बर्फबारी के आसार.

    • 24 Mar 2026

Recent News

  • image

    Uttarakhand Weather Today, 19 April: देहरादून समेत मैदानी इलाकों में 40 के करीब पारा, पहाड़ों में भी बढ़ी तपिश.

    • 19 Apr 2026
  • image

    कपाट खुलने से पहले बद्रीनाथ में रंगारंग कार्यक्रम, तीर्थ पुरोहितों ने जताया विरोध, बोले- यह सब मान्यताओं के खिलाफ.

    • 18 Apr 2026
  • image

    दिल्‍ली-देहरादून एक्‍सप्रेसवे पर एक और तोहफा, रोडवेज बसों का कम हुआ किराया, जानिए अब कितने रुपये लगेंगे.

    • 18 Apr 2026

Copyright © Uttarakhandbyte 2022-25 All Rights Reserved.

Website By : World IT Dimensional Solutions.