देहरादून: मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, चमोली, नैनीताल और पिथौरागढ़ जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। बागेश्वर जिले में भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी कई दौर की तेज बारिश होने की संभावना है।
उत्तराखंड में पिछले तीन दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रखा है। पर्वतीय क्षेत्रों से लेकर मैदानी जिलों तक स्थिति खराब है। बारिश से दून घाटी, मसूरी और बादल घाटी के इलाकों में जल भराव के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। वही पर्वतीय क्षेत्रों में भूधंसाव और भूस्खलन होने से हालात खराब है।
गुरुवार को देहरादून में आफत की बारिश बरसी है। यहां बिंदाल नदी उफान पर आने से नदी किनारे बनी बस्ती के कई घरों में पानी घुस गया। क्लेमेंट टाउन झील में बाढ़ आ गई जिससे एक मकान में मां और बेटे फंस गए। उन्हें पुलिस ने रेस्क्यू किया। यहां देर रात एसडीआरएफ भी तैनात कर दी गई थी और हालात को संभालने के लिए एयरफोर्स की सुरक्षा अधिकारियों ने भी एसडीआरएफ की मदद की।
बरसाती नालों के उफान पर आने के कारण मंदिर कॉलोनी, सरस्वती विहार, नीलकंठ विहार, गुरुद्वारा कॉलोनी और गोकुलधाम के घरों में पानी घुस गया। वही घंटाघर से लेकर दर्शन लाल चौक, तहसील, द्रोण चौक की तरफ भी सड़क पर जबरदस्त जल भराव हो गया।
रिस्पना नदी के पुल के पास सड़क में पानी भरने के कारण वाहनों का चलना मुश्किल हो गया। उधर टपकेश्वर महादेव मंदिर के साथ बहने वाली तमसा नदी भी रौद्र रूप में आ गई। रायपुर विकासखंड के मालदेवता के सेरकी, सिरवालगढ़ गांव में अतिवृष्टि के कारण काफी नुकसान हुआ है।
यहां भूस्खलन और पानी के तेज बहाव के कारण इन इलाकों के लोग सहम गए और कई परिवार अपने घरों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए। सिरवालगढ़ल में अतिवृष्टि से भूकटाव हुआ है। यहां ग्रामीणों के खेत रास्ते, नाले और पुल के ठीक सामने से नाले का रुख सड़क और आबादी की तरफ हो गया। जिससे सड़क के साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।
देहरादून डीएम ने क्षेत्र का भ्रमण कर अधिकारियों को नाले के पानी की निकासी प्राकृतिक मार्ग पर करने के निर्देश दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों में उच्च पर्वतीय जिलों में मूसलाधार बारिश होने की आशंका जताई है। जिसके चलते संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन होने के साथ ही नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
हिदायत दी गई है कि संवेदनशील क्षेत्रों में बारिश के दौरान दिन के साथ रात के समय भी सतर्कता बरतें। चार धामयात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्री सावधानी से यात्रा करें। देहरादून और चमोली में अगस्त महीने में सबसे ज्यादा बारिश हुई है, जबकि कुमाऊं के बागेश्वर में सामान्य से अधिक बारिश होने के कारण लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी है।