गंगोत्री/देहरादून: उत्तराखंड में मानसून कहर बनकर बरस रहा है। भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। गढ़वाल में भी भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। गंगोत्री में भागीरथी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बारिश के कारण भागीरथी नदी रौद्र रूप दिखा रही है। भारी बारिश और भागीरथी नदी के खतरे से ऊपर बहने के कारण गंगोत्री धाम में श्रद्धालुओं को नदी में जाने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही पुलिस नदी के आसपास रहने वालों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रही है।
एसडीआरएफ की टीम पूरी सतर्कता के साथ नदियों के आसपास फंसे लोगों का रेस्क्यू करने के लिए जुटी हुई है। शनिवार को गंगोत्री धाम में भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ गया। नदी की तेज बहाव के कारण शिवानंद कुटीर आश्रम का गेट बह गया। आश्रम की दीवार नदी के तेज बहाव में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। जिसके चलते आश्रम में नदी का पानी घुस गया।
श्री गंगोत्री धाम पर भागीरथी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी के तेज बहाव में शिवानन्द कुटीर आश्रम में पानी भरने की सूचना पर पुलिस व SDRF जवानों द्वारा आश्रम के पीछे पहाड़ी से आश्रम में घुस कर दस साधु संतों व मजदूरों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान गंगोत्री मन्दिर प्रांगण में पहुंचाया। pic.twitter.com/mfWOOz84tL
— Uttarakhand Police (@uttarakhandcops) July 27, 2024
शिवानंद कुटीर आश्रम में रह रहे साधु-संत और मजदूर आश्रम में ही फंस गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस और एसडीआरएफ के जवानों की टीम ने आश्रम के पीछे पहाड़ के रास्ते आश्रम में घुसकर वहां फंसे दस साधु-संतों और मजदूरों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान गंगोत्री मंदिर प्रांगण में पहुंचाया।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भारी बारिश की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं। वह अधिकारियों से लगातार जानकारी ले रहे हैं। सीएम ने सभी अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलाधिकारियों को एसडीआरएफ, एनडीआरफ एवं अन्य बचाव दलों से समन्वय बनाते हुए अलर्ट रहने को कहा है।