देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून में बीते दिनों हुए भीषण हादसे के बाद पुलिस मुस्तैदी के साथ चेकिंग कर रही है। युवाओं में अभी भी खौफ नहीं है। रात लगभग 3 बजे परिवहन विभाग की चेकिंग टीम ने तीन युवाओं को एक स्कूटी दौड़ते हुए पकड़ा देहरादून पांवटा साहिब राजमार्ग पर नंद की चौकी के पास यह युवा घर से झूठ बोलकर स्कूटी दौड़ा रहे थे। चेकिंग अधिकारी ने तत्काल चालान कर पिता को फोन करके सचेत किया। देहारादून इनोवा कार हादसे में 6 बच्चों की मौत के बाद भी लोगों डर नहीं है। पुलिस ने यहां एक रात में 101 चालान भी काटे हैं।
जानकारी के मुताबिक चेकिंग अधिकारी ने जैसे ही एक युवक के पिता को फोन किया तो पिता ने कहा कि बेटा तो मित्र के घर सो रहा है। पिता की यह बात सुनकर चेकिंग अधिकारी ने पिता को फटकार लगाई और स्कूटी का चालान कर दिया। आरटीओ ने जब इनका चलन किया तो चालक ने हेलमेट भी नहीं लगाया हुआ था। बताया कि गुरुवार शुक्रवार मध्य रात्रि करीब 3 बजे चेकिंग कर रही टीम के अधिकारी अनिल प्रेमी ने प्रेम नगर में नंदा की चौकी के नजदीक एक स्कूटी सवार तीन युवाओं को रोका चालक ने हेलमेट नहीं लगाया हुआ था। तीनों युवा 19 से 20 वर्ष की उम्र के थे।
चेकिंग टीम ने जब इतनी रात घूमने का कारण पूछा तो युवकों ने बताया कि वह पार्टी करके लौट रहे हैं। तीनों युवा प्रेम नगर स्थित एक शिक्षण संस्थान में प्रबंधन के छात्र थे। टीम ने स्कूटी चालक से उसके पिता का मोबाइल नंबर मांगा तो वह आनाकानी करने लगा, लेकिन जब डांट फटकार लगाई तो उसने नंबर दे दिया। टीम अधिकारी ने उसके पिता से पूरी वारदात साझा की तो पिता घबरा गए।
आरटीओ कैलाश तिवारी ने बताया कि गुरुवार रात 8 बजे से शुक्रवार सुबह 4 बजे तक चली कार्रवाई में कुल 101 वाहनों का चालान किया गया। वहीं सात वाहनों को सीज कर दिया गया। सीज वाहनों में ट्रक कंटेनर और टैक्सी भी शामिल है। 37 चालकों का ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी चलाया जाएगा।
देहरादून में देर रात शराब पीकर सड़कों पर गाड़ी दौड़ने के लिए निकलना युवाओं का शौक बन चुका है। ऐसी ही एक दुर्घटना में 11 नवंबर की देर रात करीब 1:30 बजे ओएनजीसी चौक पर इनोवा कार सवार तीन युवक और तीन युवतियों की दर्दनाक मौत हो गई थी। दुर्घटना में जीवित बचा उनका एकमात्र दोस्त अभी सिनर्जी अस्पताल में जिंदगी वह मौत की जंग लड़ रहा है।