देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खाद्य पदार्थों में थूकने की घटनाओं को गंभीरता से लिया है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक अभिनव कुमार ने सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है। धामी ने कहा, 'इस तरह के किसी दुष्कृत्य के लिए उत्तराखंड में कोई स्थान नहीं है। यदि कोई इस तरह की हरकतें करते हुए पाया जाएगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की घटनाओं से ना केवल खाद्य पदार्थ दूषित होते हैं अपितु भावनाएं भी आहत होती हैं। इस तरह की घटनाओं पर हम कठोर कार्रवाई करेंगे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और समस्त जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे होटल, ढाबा एवं अन्य व्यवसायिक संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों का शत-प्रतिशत सत्यापन सुनिश्चित करें। साथ ही, इन संस्थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने पर जोर दिया जाए। खुले स्थानों पर चल रहे खाद्य कारोबारियों पर विशेष ध्यान देने के लिए स्थानीय अभिसूचना इकाई की सहायता ली जाएगी।
खोखा और रेहड़ी आदि खुले स्थानों पर इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की मदद ली जाए। गश्त और पेट्रोलिंग के समय भी इसका विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है। गाइडलाइन में यह भी कहा गया है कि आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य और खाद्य विभाग से संपर्क कर होटल, ढाबा आदि व्यवसासियक संस्थानों में रैंडमली चेकिंग की जाए।
सीएम धामी ने आदेश दिए कि यदि इस प्रकार की घटनाओं से धार्मिक, मूलवंशीय या भाषायी भावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, तो धारा 196 (1) (बी) अथवा 299 के अंतर्गत भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि स्वास्थ्य और खाद्य विभाग, नगर निगम, जिला पंचायत और स्थानीय संस्थाओं के सहयोग से जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि इस प्रकार की घटनाओं को पूरी तरह से रोका जा सके।
इस दिशा में पहला एक्शन मसूरी क्षेत्र में लिया गया, जहां अभियुक्तों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य एवं खाद्य विभाग के साथ समन्वय बनाते हुए रैंडम चेकिंग की जाएगी। इन अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए उत्तराखंड पुलिस एक्ट की धारा 274 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और उत्तराखंड पुलिस एक्ट की धारा 81 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज किया जाएगा। गौरतलब है कि पिछले दिनों मसूरी में एक चायवाले का वीडियो वायरल हुआ था। दुकानदार चाय में थूकता नजर आया था।