देहरादून: उत्तराखंड में नगर निकाय चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से 23 जनवरी को नगर निकाय चुनाव की वोटिंग करने की घोषणा की गई है। प्रदेश में नगर सरकार चुनने के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। प्रदेश की पुष्कर सिंह धामी सरकार की सिफारिश पर राज्य निर्वाचन आयोग ने सोमवार को आदर्श आचार संहिता लागू किए जाने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी। प्रदेश में आदर्श आचार संहिता मतगणना की तिथि तक जारी रहेगी।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित तिथि के अनुसार, निकायों में 27 दिसंबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी। 23 जनवरी को मतदान और 25 जनवरी को मतणना होगी। मतदान में वैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। देहरादून स्थित राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय में सोमवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने तारीखों का ऐलान किया।
राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 27 दिसंबर से नामांकन पत्रों की बिक्री प्रक्रिया शुरू होगी। नामांकन पत्र 30 दिसंबर तक खरीदे जा सकेंगे। सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 तक नामांकन पत्रों की बिक्री होगी। 31 दिसंबर और 1 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 2 जनवरी को सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक नामांकन दर्ज कराने वाले उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकते हैं।
नामांकन दर्ज करने वाले और चुनावी मैदान में डटे उम्मीदवारों को 3 जनवरी को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे। निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि 23 जनवरी को सुबह 8:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक वोटिंग होगी। 25 जनवरी को सुबह 8:00 बजे से मतगणना का कार्य शुरू होगा। निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार ने कहा कि जिलाधिकारी मंगलवार को अपने-अपने जिलों में निकायों की अधिसूचना जारी करेंगे।
उत्तराखंड के 100 नगर निकायों में चुनाव की प्रक्रिया को पूरा कराया जाएगा। दरअसल, प्रदेश में 107 नगर निकाय हैं, लेकिन 7 नगर निकायों में चुनाव न कराने का फैसला लिया गया है। नगर पंचायत बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, पाटी गढ़ीनेगी के साथ ही नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर और किच्छा में चुनाव नहीं होगा। इस तरह प्रदेश के 11 नगर निगम, 43 नगर पालिका परिषद और 46 नगर पंचायत में चुनाव होंगे।
नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना के साथ ही आरक्षण की स्थिति भी साफ हो गई है। अनंतिम अधिसूचना में श्रीनगर मेयर का पद अनरिजर्व श्रेणी में था, यह अब महिला के लिए रिजर्व हो गया है। वहीं, हल्द्वानी मेयर का पद ओबीसी से अनारक्षित और अल्मोड़ा मेयर का पद महिला से ओबीसी के लिए रिजर्व कर दिया गया है। नगर पालिकाओं में भी पदों का आरक्षण बदला है।
उत्तराखंड में इस बार नगर निकाय चुनाव में सवा पांच लाख वोटर बढ़ गए हैं। वर्ष 2018 में हुए चुनावों में प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 25,36,408 थी। इस बार के चुनाव में यह संख्या बढ़कर 30,63,143 पर पहुंच गई है। इसमें 14,82,809 महिला और 15,79,789 पुरुष मतदाता है। इनके अलावा 545 अन्य मतदाता भी शामिल हैं।
उत्तराखंड के 11 नगर निगम में 540 पार्षद के पद हैं। प्रदेश के 46 नगर पंचायतों में 298 वार्ड सदस्य हैं। इसी प्रकार 43 नगर पालिका क्षेत्र में 444 सभासदों का चुनाव होना है। निर्वाचन आयोग की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के साथ तमाम राजनीतिक दलों ने चुनाव तैयारियां शुरू कर दी हैं।