देहरादून: उत्तराखंड के देहरादून से नाबालिग से रेप केस के मामले में आरोपी के खिलाफ सजा का ऐलान किया गया है। मामला दर्ज होने के तीन साल के भीतर कोर्ट ने सजा सुनाई। नाबालिग लड़की को फुसलाकर मकान मालिक के बेटे ने रेप किया था। 13 वर्षीय बालिका से रेप के दोषी युवक को कोर्ट ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। पॉक्सो कोर्ट के जज पंकज तोमर ने दोषी पर 1.55 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
नाबालिग रेपकांड की पीड़िता का परिवार मूल रूप से बागेश्वर का रहने वाला है। केस को लेकर सहायक जिला सरकारी वकील किशोर कुमार ने बताया कि पीड़िता के साथ रेप का मामला 31 अक्टूबर 2021 को दर्ज कराया गया था। केस प्रेमनगर थाने में दर्ज हुआ था। पीड़िता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी अपनी बुआ के यहां गई थी। वहां शौच करते हुए वह चिल्लाने लगी और बेहोश हो गई। परिजनों ने देखा तो उसके पास मृत भ्रूण पड़ा था।
वकील किशोर कुमार ने बताया कि पीड़िता को देहरादून अस्पताल लेकर जाया गया। चादर में भ्रूण को भी लपेटकर ले गए। इलाज के बाद होश में आई पीड़िता ने बताया कि विधौली में जिस मकान में वह किराए पर रह रहे थे, वहां मकान मालिक के बेटे पंकज सिंह बिष्ट ने कई बार उसका रेप किया। प्रेमनगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 23 दिसंबर 2021 को इस मामले में कोर्ट में चार्जशीट दायर की।
कोर्ट में केस ट्रायल पर आया तो पीड़िता ने घटना की जानकारी दी। उसने कोर्ट को बताया कि उसके पिता होटल में काम करते थे। मां प्रेग्नेंट थी। इसलिए, कपड़े सुखाने वह छत पर जाती थी। एक दिन पीड़िता को पंकज ने छत पर रोक लिया। उसे चॉकलेट दी। इसके बाद उसका रेप किया। दुष्कर्म करने के बाद पंकज ने किसी को न बताने को कहा। ऐसा करने पर जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक-एक दिन छोड़कर चार-पांच बार आरोपी ने उसके साथ रेप की घटना को अंजाम दिया। डर के कारण पीड़िता किसी को घटना के बारे में नहीं बता पाई। इसके बाद अबॉर्शन के कारण मरा भ्रूण निकला तो घटना का पता चला। पुलिस ने एक नवंबर 2021 को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में 14 मार्च 2022 को आरोप तय किए गए। बुधवार को कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाया।