देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में आज हल्की बारिश के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिले में हल्की बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहेगा।
पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली बारिश का मैदानी क्षेत्रों पर कोई असर नहीं होगा। 11 फरवरी तक प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा। मौसम विज्ञानिकों की माने तो बीते कुछ सालों से बदलते मौसम के पैटर्न का सीधा असर तापमान पर दिखाई दे रहा है। इसका कारण भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी इलाके में सर्दियों के मौसम में आने वाला पश्चिमी विक्षोभ उत्तराखंड तक नहीं पहुंच पाया है। खासकर पर्वतीय जिलों तक पश्चिमी विक्षोभ नहीं पहुंचा है। जिसके चलते दिन के साथ रात के तापमान में भी इजाफा हो रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ की ठंडी हवाएं ही बारिश और बर्फबारी के लिए माहौल बनाती हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से यह ठंडी हवाएं उत्तराखंड तक नहीं पहुंच पा रही हैं। जिसकी वजह से यहां जनवरी के बाद फरवरी का महीना भी सूखा बीत रहा है। बारिश न होने के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी भी नहीं हुई है। जिसके चलते हिमालय ग्लेशियर भी बेहद कम रिचार्ज हुए हैं। यदि ऐसा ही हाल रहा तो भविष्य में जल संकट खड़ा हो जाएगा।
वहीं, बारिश न होने से जंगलों में नमी भी खत्म हो रही है। जिसके चलते आग लगने का खतरा भी बढ़ रहा है। फायर सीजन को देखते हुए वन विभाग भी आखिरकार सक्रिय हो गया है और अब जन सहयोग के सहारे जंगलों को बचाने की मुहिम चला रहा है। महिला और युवक मंगल दलों को साथ मे जोड़कर उनका सक्रिय सहयोग लेगा। इन सभी लोगों को फायर सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। जिससे कि आग मिलने पर ये लोग ग्रामीणों के सहयोग से अग्नि नियंत्रण के प्रयासों में जुट जाएं।
वहीं, सुबह और शाम ठंड और दोपहर के समय खिल रही चटक धूप के कारण लोगों में बुखार, बदन दर्द, खांसी और जुकाम की समस्या भी बढ़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में हर दिन बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार 24 घंटे के अंदर तापमान में 10 से 12 डिग्री का अंतर शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है। ऐसे में सुबह और शाम के समय ध्यान रखने की जरूरत है। विशेष कर बच्चों और बुजुर्गों पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
चिकित्सकों का कहना है कि लोगों को पहनावे के साथ फिलहाल लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। लोग अपने पहनावे को लेकर लापरवाह हो रहे हैं। इस कारण से बीमार पड़ जा रहे हैं। इस मौसम में भी रोजाना गर्म कपड़े पहनना चाहिए और अगर आपको गर्मी ज्यादा लग रही है तो कम कपड़े पहन सकते हैं। बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक के अनुसार गर्म कपड़े पहनना जरूरी है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि बदलते मौसम में सुबह शाम बचाव के लिए गर्म कपड़े पहने, गुनगुना पानी पीयें, बुजुर्गों को दमा से बचाने को बाहर हवा में न जाने दें, कान और मुंह ढक कर रखने के साथ ही खान-पांच पर नियंत्रण रखें।