साल 2020 तो आपको याद ही होगा जब कोरोना वायरस ने अपनी दहशत फैला रखी थी। साल 2025 की शुरुआत में ही एक नई स्वास्थ्य चुनौती सामने आई है। कोरोना जैसी दहशत फैलाने वाला HMPV (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) वायरस चीन से होते हुए भारत के बेंगलुरु में दस्तक दे चुका है। बेंगलुरु के बाद गुजरात के अहमदाबाद में भी ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) का एक मामला सामने आया है।
HMPV वायरस खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों के लिए घातक साबित हो रहा है। बेंगलुरु की एक 8 महीने की बच्ची में और गुजरात से इस वायरस की पुष्टि ने लोगों को सावधानी बरतने पर मजबूर कर दिया है। कोरोना महामारी के अनुभव से सीखते हुए, यह जरूरी है कि इस वायरस को हल्के में न लें।
यह वायरस आखिर कितना खतरनाक हो सकता है, इसके लक्षण क्या हैं, और इससे बचने के लिए कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? इन सवालों का जवाब दे रहीं हैं यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी (Yashoda Super Specialty Hospital) की सीनियर कंसल्टेंट ऑफ़ इन्फेक्शस डिजीज डॉ छवि गुप्ता।
HMPV वायरस क्या है?


यह वायरस खासकर उन लोगों को अधिक प्रभावित करता है जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है।

लगातार खांसी और बुखार
सांस लेने में दिक्कत
गले में खराश और नाक बंद होना
थकान और कमजोरी
गंभीर मामलों में ब्रॉन्काइटिस या निमोनिया

सफाई का ध्यान रखें: अपने हाथों को नियमित रूप से साबुन और पानी से धोएं।
मास्क का इस्तेमाल करें: खासकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में।
सोशल डिस्टेंसिंग: संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाए रखें।
इम्यूनिटी बढ़ाएं: विटामिन-सी युक्त फलों, हरी सब्जियों और पर्याप्त नींद पर ध्यान दें।
संक्रमित वस्तुओं से बचाव: दूषित वस्तुओं को छूने से बचें या छूने के बाद हाथ धोएं।

HMPV वायरस कोरोना की तरह खतरनाक नहीं है, लेकिन इसके लक्षणों को नजरअंदाज करना घातक हो सकता है। यह वायरस बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा जोखिमपूर्ण है। सही जानकारी और सावधानी से इस वायरस के प्रभाव को रोका जा सकता है। इसलिए, खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टर की सलाह लें और बचाव के उपाय अपनाएं।