केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 से 10वीं में दो बार एग्जाम की ड्राफ्ट स्कीम जारी की है। इस पर 9 मार्च तक फीडबैक भी मांगा गया है। देश में किसी भी स्कूल के प्रिंसिपल, टीचर, पैरंट्स, स्टूडेंट, स्कूल मैनेजमेंट और आम लोग cbse.gov.in पोर्टल के जरिए अपनी राय दे सकते हैं। सीबीएसई ने पॉलिसी पर लोगों की राय और सुझाव मांगे हैं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा सचिव संजय कुमार का कहना है कि 'अभी यह ड्राफ्ट पॉलिसी है। जो भी सुझाव आएंगे, उन्हें एग्जामिन किया जाएगा। सीबीएसई और शिक्षा मंत्रालय ड्राफ्ट पॉलिसी और आने वाले फीडबैक को देखेगा। उसके बाद फाइनल पॉलिसी तय होगी। फीडबैक के आधार पर पॉलिसी में जरूरी बदलाव किए जाने की संभावना होगी, तो उन बदलावो को भी शामिल कर फाइनल पॉलिसी जारी होगी।'
बताया जा रहा है कि सीबीएसई को फीडबैक मिलने शुरू हो गए हैं। सीबीएसई बोर्ड के चेयरमैन राहुल सिंह का कहना है कि '9 मार्च तक फीडबैक मांगे गए हैं। उसके बाद जल्द से जल्द फाइनल ड्राफ्ट जारी करने की कोशिश होगी। कोशिश यही है कि अप्रैल में नया सेशन शुरू होने से पहले ही फाइनल पॉलिसी जारी कर दी जाए। ड्राफ्ट पॉलिसी में सीबीएसई क्लास 10 की पहले राउंड की परीक्षा 17 फरवरी से 6 मार्च 2026 और दूसरे राउंड की परीक्षा 5 मई से 20 मई 2026 के बीच प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही संभावित डेटशीट भी दी गई है कि दसवीं के पेपर कब-कब हो सकते हैं। डेटशीट को लेकर भी काफी सुझाव आ रहे हैं।'
विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी में परीक्षा शुरू करना बिल्कुल सही कदम है, क्योंकि जनवरी में देश के कई राज्यों में मौसम खराब होता है। बर्फबारी भी होती है। ऐसे में फरवरी-मार्च का समय पहले राउंड के लिए ठीक है। उसके आधार पर अप्रैल में पहले राउंड का रिजल्ट आ जाएगा। लेकिन दूसरे राउंड की परीक्षा जून में करवाई जा सकती है।
शिक्षाविद और चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी (जींद) के पूर्व वाइस चांसलर प्रो. आरबी सोलंकी कहते हैं कि 'छात्रों के परीक्षा तनाव को दूर करने की दिशा में सीबीएसई ने बड़ी पहल की है। नई शिक्षा नीति में दो बार बोर्ड एग्जाम की सिफारिश की गई है। सीबीएसई के पास आने वाले सुझाव बहुत अहम होंगे, क्योंकि देश भर से जाने-माने शिक्षाविद, प्रिंसिपल, टीचर अपनी राय रखेंगे। ऐसे में फाइनल पॉलिसी में कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं।'
जानकारों का कहना है कि दरअसल मई में टीचर्स की छुट्टियां भी होती है। मई में एग्जाम होंगे तो टीचर्स की ड्यूटी भी लगेगी। हालांकि देखना होगा कि डेटशीट को लेकर सीबीएसई को कितने सुझाव मिलते हैं। सूत्रों का कहना है कि ड्राफ्ट पॉलिसी में हर बिंदु रिव्यू के दायरे में होगा और रिव्यू के बाद ही फाइनल ड्राफ्ट जारी होगा।
स्कूल मैनेजमेंट भी सरकार को अपने सुझाव भेज रहे हैं। वीएसपीके इंटरनैशनल स्कूल रोहिणी की प्रिंसिपल डॉ. संचिता गुप्ता का कहना है कि 'दो बार परीक्षा का फैसला छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। छात्रों के पास बहुत सारे विकल्प हैं और इससे बोर्ड परीक्षा का तनाव काफी हद तक कम हो जाएगा। स्कूलों की ओर से भी ड्राफ्ट पॉलिसी पर सरकार को सुझाव भेजे जा रहे हैं। सीबीएसई हर पहलू पर चर्चा करने के बाद ही पॉलिसी को अंतिम रूप देगा।'