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पृथ्वी पर लौटते समय सुनीता विलियम्स को कैसा महसूस होगा, जानें कब, कहां और कैसे पहुंचेंगी?.

 
  • Priyesh Mishr
  • 18 Mar 2025
  • 1951
image  

 

वॉशिंगटन: अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर ने नौ महीने से अधिक समय से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर फंसे रहने के बाद आखिरकार घर वापसी की यात्रा शुरू कर दी है। नासा के अनुसार, उनको वापस ला रहा स्पेसएक्स का ड्रैगन अंतरिक्ष यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से सुबह 10:35 बजे IST पर अनडॉक हो गया था। इसके बुधवार को सुबह 3:27 बजे IST के आसपास फ्लोरिडा तट पर उतरने की उम्मीद है।

 

पृथ्वी पर लौटते समय कितनी मुश्किलें

पृथ्वी के वायुमंडल में फिर से प्रवेश करना अंतरिक्ष यात्रा के सबसे तीव्र चरणों में से एक है। NASA बताता है कि जैसे ही कोई अंतरिक्ष यान वायुमंडल में प्रवेश करता है, उसे चरम स्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें 7,000 डिग्री फ़ारेनहाइट तक का तापमान शामिल है। इस दौरान अंतरिक्ष यान ध्वनि की गति से 22 गुना से अधिक की गति से पृथ्वी के वायु मंडल में प्रवेश करेगा। इस कारण अंदर बैठे अंतरिक्ष यात्रियों को जबरदस्त दबाव और झटकों का सामना करना पड़ेगा।

पृथ्वी पर कैसे उतरेगा ड्रैगन अंतरिक्ष यान

घर की ओर गोता लगाने के बाद, ड्रैगन अंतरिक्ष यान अपने अवतरण को और धीमा करने के लिए एक के बाद एक दो पैराशूट तैनात करेगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो कैप्सूल 17,000 मील प्रति घंटे (27,359 किलोमीटर प्रति घंटे) से अधिक की कक्षीय गति से 20 मील प्रति घंटे (32 किलोमीटर प्रति घंटे) से कम गति पर आ जाएगा। इसके बाद वह फ्लोरिडा तट पर समुद्र में गिर जाएगा।

 

नासा अंतरिक्ष यात्रियों की पृथ्वी पर वापसी की तैयारी कैसे करता है

नासा का एंट्री सिस्टम और टेक्नोलॉजी डिवीजन ऐसी सामग्री और प्रणालियों को डिजाइन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जो पृथ्वी पर सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करती हैं। कैलिफोर्निया में एमस रिसर्च सेंटर 1961 से री-एंट्री टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। हीट शील्ड, पैराशूट और उन्नत सॉफ्टवेयर का उपयोग करके, नासा के इंजीनियर ऐसे समाधान विकसित करते हैं जो अंतरिक्ष यान को आग की लपटों से बचने में मदद करते हैं।

री एंट्री टेक्नोलॉजी

हीट शील्ड - ये सुरक्षात्मक अवरोध गर्मी को अवशोषित और नष्ट करते हैं। एवकोट (अपोलो मिशन और ओरियन क्रू कैप्सूल में उपयोग किया जाता है) और फेनोलिक-इम्प्रेगनेटेड कार्बन एब्लेटर (PICA) जैसी सामग्री ओवरहीटिंग को रोकने में मदद करती है। स्पेसएक्स ने ड्रैगन कैप्सूल के लिए अपना खुद का संस्करण, PICA-X भी विकसित किया है।

आर्क जेट परीक्षण- एम्स के आर्क जेट कॉम्प्लेक्स में, नासा के वैज्ञानिक वायुमंडलीय प्रवेश की चिलचिलाती गर्मी को फिर से बनाते हैं, हीट शील्ड को सूर्य की सतह से भी अधिक गर्म प्लाज्मा के संपर्क में लाते हैं।

कंप्यूटर सिमुलेशन - सुपरकंप्यूटर मिशन लॉन्च से पहले तकनीकी चुनौतियों का पूर्वानुमान लगाने और उन्हें हल करने के लिए पुनः प्रवेश गतिशीलता का मॉडल बनाते हैं।

एडीईपीटी और एचईईईटी - एचईईईटी (हीटशील्ड फॉर एक्सट्रीम एंट्री एनवायरनमेंट टेक्नोलॉजी) और एडीईपीटी (एडेप्टेबल, डिप्लॉयबल एंट्री प्लेसमेंट टेक्नोलॉजी) जैसी नई सामग्री और तैनात करने योग्य हीट शील्ड, मंगल, शुक्र और उससे आगे के मिशनों के लिए अंतरिक्ष यान सुरक्षा को बढ़ाने का लक्ष्य रखते हैं।

 

 
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