logo

most visited

  • Covid-19 vaccine: MoU on Sinopharm co-production to be signed on August 16, 2021

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • Anyone can get dressed up and glamorous, but it is how people dress in their days off.

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • I always felt that my greatest asset was not my physical ability, it was my mental ability.

    • Xgenious
    • June 19, 2022

tags

  • News
  • Fashion
  • Politics
  • Sport
  • Food
  • Videos
  • Business

Follow Us

  • Dehradun Wednesday, 17 June 2026
  • Contact Us
logo
  • Home
  • Uttarakhand
    • Uttarakhand
    • Nainital
    • Dehradun
  • National
  • International
  • Economics
  • Sports
  • Entertainment
  • Education
  • Editorial
  • More
    • Technology
    • Spirituality
    • Thoughts
    • Lifestyle

BREAKING NEWS

  • Monsoon news: उत्तराखंड में मानसून कब आएगा? ऋषिकेश, देहरादून और नैनीताल में IMD का ताजा अपडेट जानिए.
  • '140 करोड़ से ज्यादा नागरिकों का पवित्र भरोसा', IMA की 9 महिला कैडेट्स से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने क्या-क्या कहा.
  • IMA POP ने रचा इतिहास, देश को मिलीं पहली नौ महिला सैन्य अफसर, जानिए कौन बना बेस्ट कैडेट.
  • पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड की चपेट में आया वाहन: भारी चट्‌टान गिरने से दो की मौत, 3 घायल.
  • शूटर जसपाल राणा की आखिरी विरासत! देहरादून के पौंधा की शूटिंग रेंज से तैयार होंगे नए 'चैंपियन'.
 
  • Home
  • अगर सहमति से संबंध बिगड़ते हैं या दूरी बढ़ती है तो यह बलात्कार का आधार नहीं हो सकता... सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी

अगर सहमति से संबंध बिगड़ते हैं या दूरी बढ़ती है तो यह बलात्कार का आधार नहीं हो सकता... सुप्रीम कोर्ट की बड़ी टिप्पणी.

 
  • Kunal Kataria
  • 27 May 2025
  • 860
image  

 

नई दिल्लीः सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि यदि कोई सहमति से बना संबंध बिगड़ जाए या साथी एक-दूसरे से दूर हो जाएं, तो यह आपराधिक कार्रवाई की मांग का आधार नहीं बन सकता। ऐसा करना न केवल अदालतों पर अनावश्यक बोझ डालता है, बल्कि आरोपी की पहचान पर भी धब्बा लगाता है। अदालत ने आरोपी के खिलाफ दर्ज रेप के केस को रद्द करते हुए उक्त टिप्पणी की है।
 

क्या है मामला?
शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र के सातारा में जुलाई 2023 में एक महिला द्वारा विवाह का झूठा आश्वासन देकर बलात्कार का आरोप लगाने के मामले में एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामला रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि अगर एफआईआर में दर्ज आरोपों को भी सही मान लिया जाए, तब भी ऐसा प्रतीत नहीं होता कि शिकायतकर्ता की सहमति उसकी इच्छा के खिलाफ केवल विवाह के आश्वासन पर ली गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारे विचार में यह ऐसा मामला नहीं है जिसमें शुरुआत से ही झूठा विवाह का वादा किया गया हो। सहमति से बना संबंध बिगड़ जाना या दूरी बढ़ जाना, आपराधिक केस का आधार नहीं हो सकता। बेंच ने कहा कि ऐसा आचरण अदालतों पर अनावश्यक बोझ डालता है और आरोपी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचाता है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला उस अपील पर सुनाया जो आरोपी ने बॉम्बे हाईकोर्ट के जून 2024 के आदेश के खिलाफ दाखिल की थी। हाई कोर्ट ने सातारा में दर्ज मामले को रद्द करने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी। एफआईआर में महिला ने आरोप लगाया था कि जून 2022 से जुलाई 2023 तक आरोपी ने विवाह का झूठा आश्वासन देकर उसके साथ बलात्कार किया। आरोपी ने इन आरोपों से इनकार किया था। बेंच ने कहा कि केस दर्ज होने के बाद आरोपी ने सेशन कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी थी, जो अगस्त 2023 में उसे मिल गई थी। जांच से यह भी पता चला कि महिला और आरोपी की जान-पहचान जून 2022 से थी और महिला ने खुद स्वीकार किया था कि वे एक-दूसरे से बार-बार मिलते थे और प्रेम में पड़ गए थे। साथ ही, 29 दिसंबर 2022 को महिला ने अपने पूर्व पति से ‘खुल्लानामा’ लिया था जो मुस्लिम महिलाओं को एकतरफा तलाक का अधिकार देता है।

बेंच ने कहा कि यह कल्पना करना कठिन है कि शिकायतकर्ता ने विवाह के आश्वासन पर आरोपी से शारीरिक संबंध बनाए, जबकि वह पहले से ही विवाहित थी। बेंच ने कहा कि महिला का आरोपी के गांव बिना सूचना दिए जाना उसकी व्यथित और अशांत मानसिक स्थिति को दर्शाता है। यह संकेत करता है कि शिकायतकर्ता द्वारा दर्ज मामला संभवत व्यक्तिगत असंतोष और उद्देश्यपूर्ण दुर्भावना पर आधारित हो सकता है। बेंच ने कहा कि एक विवाहित महिला, जिसकी चार वर्ष की संतान है, यह विश्वास करना कठिन है कि वह किसी ऐसे व्यक्ति के साथ लंबे समय तक संबंध में रही होगी जिसने उसका यौन शोषण किया हो। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी की अपील स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट का आदेश रद्द कर दिया।बेंच ने कहा कि आरोपी केवल 25 वर्ष का है न्याय के हित में यही उचित होगा कि वह किसी लंबी मुकदमेबाज़ी में न फंसे। इस स्टेज पर ही उसके खिलाफ की गई कार्यवाही रद्द की जाती है।

 

 
Share
Previous Post
कौन जानता था मौत ऐसे आएगी... चकराता टाइगर फॉल्स में पानी के साथ गिरा पेड़, दिल्ली के पर्यटक समेत दो लोगों की गई जान
Next Post
किशोरों को प्यार की सजा देना सही नहीं, पश्चिम बंगाल के एक मामले ने सुप्रीम कोर्ट का ध्यान POCSO की ओर खींचा
First Image Second Image

Follow Us

Subscribe Us

Subscribe Us For Latest Updates.

logo

Uttarakhandbyte is a fast-growing news platform delivering the latest news and analysis from India.

  • Editor: Kunal Kataria
  • 100 Sarthi Vihar, Ajabpur Danda, Post Office - NehruGram, Dehradun, Uttarakhand
  • 9557993990
  • uttarakhandbyte@gmail.com

Popular News

  • image

    देहरादून में बारिश कब होगी? भीषण गर्मी के बीच लोगों के लिए आई राहत भरी खबर, आसमान में छाए बादल.

    • 28 May 2026
  • image

    बात करते-करते कट जाती है कॉल? TRAI ने रुद्रपुर, हल्द्वानी, काशीपुर में की नेटवर्क की लाइव जांच, रिपोर्ट हैरान करेगी.

    • 09 Jun 2026
  • image

    केदारनाथ रूट पर लैंडस्लाइड: सोनप्रयाग में फंसे 10000 श्रद्धालुओं का हुआ रेस्क्यू, ऐसे चला अभियान.

    • 21 May 2026

Recent News

  • image

    Monsoon news: उत्तराखंड में मानसून कब आएगा? ऋषिकेश, देहरादून और नैनीताल में IMD का ताजा अपडेट जानिए.

    • 16 Jun 2026
  • image

    '140 करोड़ से ज्यादा नागरिकों का पवित्र भरोसा', IMA की 9 महिला कैडेट्स से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने क्या-क्या कहा.

    • 14 Jun 2026
  • image

    IMA POP ने रचा इतिहास, देश को मिलीं पहली नौ महिला सैन्य अफसर, जानिए कौन बना बेस्ट कैडेट.

    • 14 Jun 2026

Copyright © Uttarakhandbyte 2022-26 All Rights Reserved.

Website By : World IT Dimensional Solutions.