कोटद्वार: उत्तराखंड के कोटद्वार कोर्ट ने शुक्रवार को हाई प्रोफाइल अंकिता भंडारी हत्याकांड में सजा का ऐलान कर दिया है। कोटद्वार कोर्ट ने तीनों आरोपियों पुलकित आर्या, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को पहले दोषी करार दिया। इसके बाद तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है। इस फैसले को लेकर प्रदेश में हलचल तेज थी। करीब तीन वर्ष पहले 18 सितंबर 2022 को यमकेश्वर में युवती अंकिता भंडारी की हत्या कर दी गई थी। उसके शव को कैनाल में फेंक दिया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कैनाल से शव बरामद किया गया। अब इस बहुचर्चित हत्याकांड में कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत शुक्रवार को फैसला सुनाया। हत्या, साक्ष्य छुपाने समेत चारों आरोपों में तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया है। वहीं, अंकिता के परिजनों ने इस मामले में आरोपियों की फांसी की मांग की है।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में एसआईटी की ओर से जांच के बाद 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में फाइल की थी। इसमें 97 गवाहों को नामित किया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इसमें से 47 गवाहों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी गवाहों के बयान और सबूतों के आधार पर सुनवाई पूरी की। मामले में फैसले के लिए शुकवार की तिथि तय की गई। एडीजे रीना नेगी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के आरोपियों पुलकित आर्या, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया गया है। अब सजा के बिंदु पर बहस शुरू हो गई है। जल्द ही सजा का ऐलान होगा।
अंकिता भंडारी हत्याकांड में एसआईटी की चार्जशीट, साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर एडीजे रीना नेगी ने पुलकित आर्या, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार दिया है। मुख्य आरोपी पुलकित आर्य पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना), 354ए (छेड़खानी व लज्जा भंग) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए थे।
वहीं, दो अन्य आरोपी सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता पर आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छुपाना) और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया था। कोर्ट ने तीनों के खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को सही माना और हत्याकांड का दोषी करार दिया।
#WATCH | Kotdwar, Uttarakhand | Mother of Ankita Bhandari, Soni Devi, breaks down while remembering her daughter.
— ANI (@ANI) May 30, 2025
On Kotdwar court to pronounce its verdict today in the Ankita Bhandari murder case, her mother Soni Devi says, "...May the criminals be sentenced to death...I appeal… pic.twitter.com/rOxVZAMvhm
कोटद्वार कोर्ट की ओर से अंकिता भंडारी हत्याकांड में फैसले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। कोर्ट परिसर और बाहर में भारी संख्या में सुरक्षा बल को तैनात किया गया है। किसी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को तैयार रहने को कहा गया है। पहले भी अंकित भंडारी केस के आरोपियों के खिलाफ कोर्ट परिसर और बाहर में हमले हो चुके हैं। इसको देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई है।
अंकिता भंडारी के माता-पिता बेटी के हत्याकांड में आरोपियों की फांसी की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें अपनी बेटी का इंसाफ चाहिए। आरोपियों को मामले में फांसी की सजा होनी चाहिए।
यमकेश्वर के वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। अंकिता श्रीनगर, गढ़वाल की रहने वाली थी। सामान्य परिवार से आने वाली लड़की की हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंक दिया गया था। लड़की के गायब होने के बाद माता-पिता ने उसे खोजने की कोशिश की।
पुलिस में केस दर्ज कराया। अधिकारियों के समक्ष गुहार लगाई। मामला सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो आरोपियों को पकड़ने का दबाव पुलिस पर पड़ा। मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मियों सौरभ भास्कर एवं अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस ने तीन गिरफ्तारियों के बाद 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या कर शव चीला नहर में फेंकने की बात स्वीकार की। घटना के एक सप्ताह बाद चीला नहर से अंकिता का शव बरामद किया गया। इस मामले को लेकर राज्य भर में जबर्दस्त हंगामा हुआ। इस मामले में पुलकित आर्या और उसके कर्मियों की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ जमकर आक्रोश का प्रदर्शन किया गया।
एसआईटी की जांच के बाद वनंतरा रिजॉर्ट के मालिक और दो अन्य सहयोगियों के खिलाफ करीब 500 पेज की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई। कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचक समेत 47 गवाहों का बयान दर्ज कराया गया। दो साल 8 माह तक मामला चलने के बाद अब फैसले की बारी है।