नई दिल्ली: जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया है। संवैधानिक जानकारों का कहना है कि भारत के संसदीय इतिहास में ऐसा पहली बार ही हुआ होगा, जब उपराष्ट्रपति ने बीच कार्यकाल में मेडिकल ग्राउंड पर इस्तीफा दिया है।
राष्ट्रपति ने धनखड़ का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है, जिसके बाद अब यह पद खाली हो चुका है। अब बाद नए सिरे से उपराष्ट्रपति पद के लिए चुनाव कराने होंगे। इस बीच राज्यसभा का संचालन उपसभापति द्वारा किया जाएगा।
लोकसभा के पूर्व सेक्रेटरी जनरल पीडीटी अचारी ने बताया कि राष्ट्रपति इस मामले में जब इस्तीफा स्वीकार कर लेते हैं तो उपराष्ट्रपति का पद खाली हो जाता है और चुनाव कराना होता है। दरअसल, उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं, इसलिए राज्यसभा में सभापति का पद खाली हो गया है
अचारी कहते हैं कि अभी उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 2027 तक का था। ऐसे में यह पद खाली नहीं रह सकता। उपराष्ट्रपति का चुनाव होगा तो वह पूरे कार्यकाल के लिए होगा। मतलब 2027 तक के लिए नहीं, बल्कि पूरे पांच साल के लिए होगा। इस्तीफा स्वीकार होने पर निर्वाचन आयोग चुनाव की अधिसूचना जारी करेगा और इसकी प्रक्रिया पूरी होगी।