देहरादून: सरकारी विभाग से काम करवाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। आलम यह है कि स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर निगम कर्मचारी पैसे के साथ ही शराब की भी मांग करने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला देहरादून की एक कॉलोनी का सामने आया है जिसमें निगम कर्मचारी पर पैसे और शराब का पव्वा मांगने का आरोप लगा है।
अभी एक माह पूर्व ही देहरादून के इंद्रापुरम कालोनी में स्ट्रीट लाइट लगाने की एवज में क्यूआर कोड भेजकर निगम कर्मचारी ने पैसों की मांग की थी। वहीं अब एक और मामले ने निगम कर्मियों की किरकिरी करा दी है। देहरादून के ऋषि विहार क्षेत्र में नगर निगम के कर्मचारी की स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर 100 रुपये और पव्वा मांगने की शिकायत देहरादून नगर आयुक्त से की गयी है।
भारतीय जनता पार्टी के डा. शयामा प्रसाद मुखर्जी नगर मंडल के अध्यक्ष वासुदेव जखमोला ने नगर आयुक्त से शिकायत की है कि ऋषि विहार क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट ठीक करने वाले नगर निगम के एक कर्मचारी ने सौ रूपये की मांग की। उन्होंने बताया कि नगर निगम के कर्मचारी काम करने की एवज में कभी किसी नागरिक से शराब की मांग करते हैं तो कभी 100 से 200 रुपये मांगते हैं।
पूर्व में महापौर सौरभ थपलियाल से भी इसी प्रकार की एक अन्य मामले में शिकायत की गई थी, जिस पर कर्मचारी को वहां से हटा दिया गया था। अब भाजपा नेता ने नगर आयुक्त को पत्र लिख उक्त मामले में भी सख्त कार्रवाई की मांग की है। नगर निगम कर्मचारियों के इस तरह के कारनामों की फेहरिस्त तो काफी लंबी है लेकिन इनके खिलाफ लोग शिकायत कम ही करते हैं क्योंकि पैसे दे कर तो काम जल्दी हो जाते हैं लेकिन अगर शिकायत कर दी तो कर्मचारी काम करने लिए भी आनाकानी करने लगते हैं।