देहरादून: नर्सिंग भर्ती प्रक्रिया में किए गए बदलावों के विरोध सहित अन्य कहीं मांगों को लेकर सीएम आवास कूच कर रहे बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों की आज पुलिस से हाथापाई हो गई है। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी को महिला पुलिसकर्मी ने थप्पड़ जड़ दिया। जिसके बाद वहां पर अचानक माहौल गरमागरमी वाला हो गया।
आंदोलनकारी महिला और महिला पुलिस कर्मियों के बीच काफी देर तक खींचतान चलती रही, जो प्रदर्शकारियों की गिरफ्तारी के बाद शांत हुई। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नर्सिंग एकता मंच इसके बैनर नर्सिंग अधिकारी अनिश्चितकालीन धरने पर चल रहे हैं।
आज इन बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों ने देहरादून के दिलाराम चौक से सीएम आवास के लिए कूच किया लेकिन पुलिस ने इन प्रदर्शनकारियों को सालावाला में रोक दिया। यहां पर रोके जाने से आंदोलनकारी भड़क गए और आगे जाने की जिद करने लगे। जिस पर पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी करनी शुरू कर दी।
इसी दौरान कुछ आंदोलनकारी महिला नर्सिंग अधिकारी रोड की साइड में खड़े होकर नारेबाजी कर रही थी कि एक महिला पुलिसकर्मी ने उन्हें खींचना शुरू किया। इस पर आंदोलनकारी महिला और पुलिस कर्मी के बीच नोकझोंक हो गयी। यह नोंकझोंक इतनी बढ़ गयी कि महिला पुलिस कर्मी ने गुस्से में आकर आंदोलनकारी महिला को थप्पड़ जड़ दिया।
बात यही नहीं रुकी पुलिसकर्मी ने महिला आंदोलनकारी महिला को खींचकर गाड़ी की ओर ले जाने का प्रयास किया लेकिन आंदोलनकारी महिला एक साथ चार पांच महिला पुलिसकर्मियों से भिड़ गई। आंदोलनकारी इतना भड़क गए की सर्दी का मौसम में भी देहरादून का पारा चढ़ गया।
अन्य आंदोलनकारी महिलाओं ने भी पुलिस कर्मियों से महिला को छुड़ाने की कोशिश करी और इस कारण सड़क पर काफी हंगामा खड़ा हो गया। बाद में महिला पुलिस कर्मियों ने इस आंदोलनकारी महिला को जबरन पुलिस की गाड़ी में धकेला जिसके बाद मामला शांत हुआ।
बता दे कि शनिवार को बेरोजगार नर्सिंग अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम खून से पत्र लिखकर अपनी पीड़ा व विरोध दर्ज कराया था। मंच ने स्पष्ट कहा था कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर कोई निर्णय नहीं लिया तो सोमवार को मुख्यमंत्री आवास कूच किया जाएगा। इसके बावजूद उनकी मांगों पर कोई विचार नहीं किया गया तो नर्सिंगअधिकारियों ने सीएम आवास कूच किया। जिससे माहौल जबरदस्त तरीके से गरमा गया।
नर्सिंग एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष नवल पुंडीर ने कहा कि धरना स्थल शहर से दूर निर्धारित किया गया है, ताकि नर्सिंग समुदाय की आवाज शासन तक न पहुंच सके। उन्होंने कहा कि लिखित परीक्षा के बाद जारी पोर्टल को जल्द से जल्द बंद किया जाए तथा भर्ती प्रक्रिया पूर्व की भांति वर्षवार संचालित की जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में रिक्त पड़े पदों को भरने, IPHS मानकों के अनुसार नई भर्तियां शुरू करने और ओवर-एज अभ्यर्थियों को आयु-छूट दिए जाने की मांग दोहराई।