मसूरी/देहरादून: उत्तराखंड के मसूरी में फेमस पर्यटन स्थल जॉर्ज एवरेस्ट तक जाने वाले मार्ग को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। आम रास्ते पर कथित अवैध रोक और शुल्क वसूली के आरोपों के बीच शनिवार को नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने पालिका अधिकारियों, सभासदों और जॉर्ज एवरेस्ट संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान उस समय तनाव की स्थिति बन गई जब जॉर्ज एवरेस्ट गेट पर तैनात निजी सुरक्षा गार्डों ने पालिका अध्यक्ष, अधिकारियों और मीडियाकर्मियों को अंदर जाने से रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि इस दौरान मीडियाकर्मियों से अभद्रता भी की गई, जिससे मौके पर जमकर नोकझोंक हुई। पालिका अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद हालात काबू में आए और सीमित लोगों को भीतर जाने दिया गया।
स्थल निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि जॉर्ज एवरेस्ट से जुड़ा यह मार्ग पूर्व से ही सार्वजनिक रास्ता रहा है, जिस पर स्थानीय लोगों और पर्यटकों का आवागमन अधिकारपूर्वक होता रहा है। पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने दो टूक कहा कि यह मार्ग सार्वजनिक है और इसे निजी बताकर रोकना या शुल्क लेना अवैध है।
पालिका अध्यक्ष ने कंपनी प्रबंधन और पर्यटन विभाग से दस्तावेजों के आधार पर वार्ता की बात कहते हुए 10 दिन का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में आम रास्ता नहीं खोला गया और शुल्क वसूली बंद नहीं हुई, तो नगर पालिका सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करेगी। जरूरत पड़ी तो जॉर्ज एवरेस्ट जाने वाले मार्ग को प्रशासनिक स्तर पर बंद भी किया जा सकता है।
मीरा सकलानी ने बताया कि उच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों का गहन अध्ययन किया जा रहा है। पर्यटन विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि भूमि हस्तांतरण के दौरान कंपनी को किसी भी सार्वजनिक मार्ग का अधिकार नहीं दिया गया था। ऐसे में सार्वजनिक रास्तों की स्वामित्व जिम्मेदारी नगर पालिका की है।
सभासद जसवीर कौर और संघर्ष समिति के सदस्य भगत सिंह कठैत ने पालिका अध्यक्ष के रुख का समर्थन करते हुए कहा कि यदि 10 दिन में समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा और हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर होगी।
वहीं कांग्रेस नेता डॉ. सोनिया आनंद रावत ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने नियमों को ताक पर रखकर बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण की कंपनी को जॉर्ज एवरेस्ट की कीमती जमीन बेहद कम दर पर लीज पर दी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अवैध शुल्क वसूली बंद नहीं हुई तो कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। फिलहाल जॉर्ज एवरेस्ट मार्ग का विवाद प्रशासन, कंपनी और जनप्रतिनिधियों के बीच टकराव का केंद्र बन गया है।