देहरादून: होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर निदेशक होमगार्ड डिप्टी कमांडेंट अमिताभ श्रीवास्तव को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश भी दिए हैं।
उत्तराखंड में जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन नीति पर सख्ती से अमल करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के मामले में डीआईजी रैंक के अधिकारी पर कार्रवाई की है। उत्तराखंड में होमगार्ड भर्ती सामग्री खरीद प्रक्रिया में करोड़ों का घोटाला होने से हड़कंप मचा हुआ है। इस घोटाले में डीआईजी अमिताभ श्रीवास्तव का नाम आने के बाद से मामला और गंभीर हो गया। अधिकारी का नाम घोटाले में आने पर मुख्यमंत्री धामी ने तत्काल प्रभाव से निदेशक होमगार्ड को निलंबित कर दिया।
वित्तीय वर्ष 2014-25 और 25-26 के दौरान होमगार्ड्स वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया से यह मामला जुड़ा हुआ है। इसमें टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप निदेशक होमगार्ड पर लगे थे। महानिदेशक होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा देहरादून द्वारा संदेह होने पर जब मामले की जांच कराई गई तो यह घोटाला सामने आया और उन्होंने शासन को रिपोर्ट भेजी। टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव और नियमों के उल्लंघन की बात कही गई।
महानिदेशक की संस्तुति पर सीएम धामी ने डिप्टी कमांडेंट को निलंबित करते हुए संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम धामी ने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
विदित हो कि देहरादून में होमगार्ड विभाग में तीन गुना अधिक रेट पर वर्दी खरीद घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद से पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग में निदेशक डिप्टी कमांडेंट अमिताभ श्रीवास्तव ने 130 रुपये का डंडा 375 रुपये में खरीदा गया।
2024 और 2025 में वर्दी की खरीद में होमगार्ड जवानों के लिए वर्दी खरीदी गई थी। आरोप है कि डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमिताभ श्रीवास्तव में ठेकेदार के साथ मिली भगत कर बाजार भाव से तीन गुना अधिक कीमत पर वर्दी खरीदी।
इसके अलावा अन्य वस्तुएं भी बाजार से अधिक कीमत पर खरीदी गई। 2025-26 की खरीद पर भी यही टेंडर डाले गए तो डीजी होमगार्ड पीवीके प्रसाद को संदेह हुआ और उन्होंने टेंडर प्रक्रिया रोकी दी।
महानिदेशक ने मामले में जांच के आदेश दिए। जांच में गबन की बात सामने आई है। इसके बाद उन्होंने आरोपी डीआइजी अमिताभ श्रीवास्तव को बर्खास्त करने की सिफारिश और 2 करोड़ की रिकवरी की रिपोर्ट शासन को भेजी। इस घोटाले के खुलासे के बाद शासन ने यह भी तय किया है कि अब जवानों को वर्दी नहीं नहीं दी जाएगी, बल्कि उनके बैंक खातों में वर्दी का भत्ता भेजा जाएगा।