logo

most visited

  • Covid-19 vaccine: MoU on Sinopharm co-production to be signed on August 16, 2021

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • Anyone can get dressed up and glamorous, but it is how people dress in their days off.

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • I always felt that my greatest asset was not my physical ability, it was my mental ability.

    • Xgenious
    • June 19, 2022

tags

  • News
  • Fashion
  • Politics
  • Sport
  • Food
  • Videos
  • Business

Follow Us

  • Dehradun Monday, 15 June 2026
  • Contact Us
logo
  • Home
  • Uttarakhand
    • Uttarakhand
    • Nainital
    • Dehradun
  • National
  • International
  • Economics
  • Sports
  • Entertainment
  • Education
  • Editorial
  • More
    • Technology
    • Spirituality
    • Thoughts
    • Lifestyle

BREAKING NEWS

  • उत्तराखंड के मसूरी में बड़ा हादसा, झड़ीपानी के पास खाई में गिरी कार, 4 लोगों की मौत, मृतकों की सूची.
  • SIR in Uttarakhand: क्या है 'बुक ए कॉल', घर पर ही आ जाएंगे बीएलओ! एसआईआर से जुड़ी काम की खबर.
  • Uttarakhand Weather Today, 10 June: उत्तराखंड में भीषण गर्मी से तप रहे मैदानी जिले, पहाड़ों में हुई सुकून की बारिश.
  • ब्रिक्स मंच पर उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की जमकर सराहना, सिल्क्यारा और धराली घटनाओं की गूंज अंतरराष्ट्रीय स्तर तक.
  • बात करते-करते कट जाती है कॉल? TRAI ने रुद्रपुर, हल्द्वानी, काशीपुर में की नेटवर्क की लाइव जांच, रिपोर्ट हैरान करेगी.
 
  • Home
  • क्या ट्रेन में RAC टिकट पर वापस होगा आधा किराया? संसदीय समिति ने रेलवे को दिए सुझाव

क्या ट्रेन में RAC टिकट पर वापस होगा आधा किराया? संसदीय समिति ने रेलवे को दिए सुझाव.

 
  • Rajesh Bharti
  • 06 Feb 2026
  • 955
image  

 

नई दिल्ली: अगर आप ट्रेन में RAC टिकट पर यात्रा कर रहे हैं तो आपको रेलवे की ओर से राहत मिल सकती है। दरअसल, रेलवे के RAC टिकटों पर यात्रियों से पूरा किराया वसूलने के मामले में संसद की एक समिति (PAC) ने सवाल उठाए हैं। पीटीआई के मुताबिक समिति का कहना है कि जब RAC टिकट वाले यात्री को पूरी बर्थ नहीं मिलती और उसे किसी दूसरे यात्री के साथ बर्थ शेयर करनी पड़ती है, तो उससे पूरा किराया लेना सही नहीं है।

संसदीय समिति ने संसद में ' भारतीय रेलवे में ट्रेनों के संचालन में समय की पाबंदी और यात्रा का समय' नाम की एक रिपोर्ट पेश की है। इस रिपोर्ट में समिति ने कहा है कि चार्ट बनने के बाद भी RAC श्रेणी में रहने वाले यात्रियों से पूरा किराया लेना, जिन्हें बर्थ की सुविधा नहीं मिलती, उचित नहीं है। समिति ने रेलवे को यह भी सलाह दी है कि सुपरफास्ट ट्रेनों की स्पीड का जो पैमाना साल 2007 से चला आ रहा है, उसे भी बदला जाए क्योंकि वह अब पुराना हो गया है। अगर समिति के सुझावों को रेलवे मान लेती है तो इससे यात्रियों को काफी फायदा होगा।

समिति ने यह दिया तर्क

समिति ने इस बात पर जोर दिया कि कई यात्री जो RAC टिकट बुक करते हैं, उन्हें पूरी बर्थ नहीं मिलती। इसके बावजूद उनसे उतना ही किराया लिया जाता है जितना कन्फर्म्ड सीट वाले यात्रियों से लिया जाता है। समिति ने साफ तौर पर कहा कि चार्ट बनने के बाद भी RAC श्रेणी में रहने वाले यात्रियों से पूरा किराया लेना, जिन्हें बर्थ की सुविधा नहीं मिलती, उचित नहीं है।
 

क्या है RAC टिकट को लेकर नियम?

जब यात्री RAC टिकट बुक करते हैं, तो उन्हें टिकट खरीदते समय ही पूरा किराया देना पड़ता है। भले ही चार्ट बनने के बाद उनका टिकट कन्फर्म्ड न हो। ऐसी स्थिति में, बिना कन्फर्म्ड टिकट वाले यात्री को किसी दूसरे यात्री के साथ बर्थ शेयर करनी पड़ती है। इसका मतलब है कि दोनों यात्रियों को पूरी सीट न मिलने के बावजूद पूरा किराया देना पड़ता है।

संसदीय समिति ने दिए ये सुझाव

समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया है कि ऐसे RAC यात्रियों को किराए का कुछ हिस्सा वापस करने का तरीका निकाला जाए। समिति ने कहा कि यात्रियों से पूरा पैसा लेने का तरीका गलत है। समिति ने रेलवे से कहा कि ऐसे यात्रियों को किराए का कुछ हिस्सा वापस करने के लिए एक सिस्टम बनाया जाए, जिन्हें कन्फर्म्ड बर्थ नहीं मिलती। समिति ने रेलवे से यह भी कहा है कि इस बारे में उठाए गए कदमों की जानकारी उन्हें दी जाए।

'सुपरफास्ट' ट्रेन में मामले में सुझाव

समिति ने सुपरफास्ट ट्रेनों के वर्गीकरण पर भी चिंता जताई है। समिति ने बताया कि 2007 के एक फैसले के अनुसार, ब्रॉड गेज पर कम से कम 55 किमी प्रति घंटे की औसत स्पीड वाली ट्रेन को सुपरफास्ट माना जाता है। वहीं, मीटर गेज पर यह स्पीड 45 किमी प्रति घंटा है।

समिति का मानना है कि रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी में सालों से हुए सुधारों को देखते हुए, यह स्पीड का पैमाना बहुत कम और पुराना हो गया है। समिति ने इस बात पर भी ध्यान दिलाया कि 2007 से इस मापदंड में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रिपोर्ट में ऑडिट के नतीजों का भी जिक्र है। इसके अनुसार, फिलहाल 478 सुपरफास्ट ट्रेनों में से 123 ट्रेनें 55 किमी प्रति घंटे से कम की स्पीड से चलती हैं। इससे यह सवाल उठता है कि क्या वे वाकई सुपरफास्ट कहलाने लायक हैं।

 

 
Share
Previous Post
डीएम सविन बंसल के निर्देशन में रायपुर क्षेत्र के विद्यालयों में बाल अधिकारों पर चलाया जागरूकता अभियान।
Next Post
मसूरी को दो नई डिस्पेंसरी की सौगात, नगर पालिका बोर्ड के एक साल पूरे होने पर अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर शुरू
First Image Second Image

Follow Us

Subscribe Us

Subscribe Us For Latest Updates.

logo

Uttarakhandbyte is a fast-growing news platform delivering the latest news and analysis from India.

  • Editor: Kunal Kataria
  • 100 Sarthi Vihar, Ajabpur Danda, Post Office - NehruGram, Dehradun, Uttarakhand
  • 9557993990
  • uttarakhandbyte@gmail.com

Popular News

  • image

    बच्चा पैदा करने में भारत के ये 6 राज्य आगे, जानिए बाकी स्टेट का हाल; दिल्ली रही सबसे पीछे.

    • 25 May 2026
  • image

    धामी सरकार ने बांटे नए दायित्व, चुनावी साल में लंबी हो रही लिस्ट के पीछे क्या है सियासी गणित, समझिए.

    • 05 Jun 2026
  • image

    कौन हैं IAS स्वाति एस भदौरिया? पौड़ी डीएम शिकायतों पर पहुंचीं जल संस्थान ऑफिस, JE को वीडियो कॉल कर ली खबर.

    • 21 May 2026

Recent News

  • image

    उत्तराखंड के मसूरी में बड़ा हादसा, झड़ीपानी के पास खाई में गिरी कार, 4 लोगों की मौत, मृतकों की सूची.

    • 11 Jun 2026
  • image

    SIR in Uttarakhand: क्या है 'बुक ए कॉल', घर पर ही आ जाएंगे बीएलओ! एसआईआर से जुड़ी काम की खबर.

    • 10 Jun 2026
  • image

    Uttarakhand Weather Today, 10 June: उत्तराखंड में भीषण गर्मी से तप रहे मैदानी जिले, पहाड़ों में हुई सुकून की बारिश.

    • 10 Jun 2026

Copyright © Uttarakhandbyte 2022-26 All Rights Reserved.

Website By : World IT Dimensional Solutions.