देहरादून: उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में डीएम स्वाति भदौरिया अपनी सादगी भरे व्यवहार के चलते चर्चा में बनी रहती हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया है जिसमें वह अपने अफसरों के सामने हंसती नजर आ रही हैं। दरअसल, एक गांव से युवक अपनी समस्या बताने आया था। बातों ही बातों में उसने यह भी बताया कि उसकी अभी तक शादी नहीं हुई है। इतना सुनते ही डीएम स्वाति भदौरिया और अन्य लोगों के ठहाकों से पूरा कमरा गूंज उठा। वीडियो में शिकायत करने आया युवक भी हंसता नजर आ रहा है।
सोशल मीडिया पर डीएम स्वाति भदौरिया का यह वीडियो शेयर करते हुए लोग तारीफ कर रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे युवक अपने गांव की समस्याएं डीएम के सामने गिना रहा है। डीएम स्वाति भदौरिया बड़ी तल्लीनता से उसकी बातें सुन रही हैं। युवक कहता है कि उसके गांव में पानी की दिक्कत है। सड़क ठीक से नहीं बनी है। उसका मकान भी ठीक से नहीं बना है जिसकी वजह से परेशानी होती है। इसके अलावा उसकी शादी भी नहीं हुई है। इतना सुनते ही डीएम समेत सभी अधीनस्थ अफसरों के हंसी के फव्वारे छूट पड़े। डीएम ने कहा कि शादी नहीं हुई तो इसमें क्या किया जा सकता है। युवक भी मुस्कुराता नजर आया।
स्वाति भदौरिया 2012 बैच की आईएएस अफसर हैं। उनकी ऑल इंडिया 74वीं रैंक आई थी। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन से बीटेक किया है। उनको छत्तीसगढ़ कैडर मिला। उनकी शादी 2011 बैच के आईएएस नितिन भदौरिया से हुई है। शादी के बाद स्वाति ने छत्तीसगढ़ कैडर से उत्तराखंड कैडर में ट्रांसफर ले लिया।
स्वाति भदौरिया ने 2015 में उत्तराखंड कैडर में तबादला करवाया था। सबसे पहले उन्होंने देहरादून और मसूरी में एसडीएम के तौर पर काम किया। वह एमएसमई विभाग में एडिशनल सेक्रेटरी भी हैं। साथ ही खादी और ग्रामोद्योग विभाग उत्तराखंड में एडिशनल सीईओ पद का काम भी देखती हैं।
स्वाति भदौरिया का जन्म 23 अगस्त 1987 को हुआ था। वह महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए अपने कामों की वजह से जानी जाती हैं। उनको 2022 में प्रधानमंत्री अवार्ड मिल चुका है। 2016 में सीएम वूमेन एम्पावरमेंट अवार्ड से भी सम्मानित की जा चुकी हैं।
तीन साल पहले स्वाति भदौरिया तब चर्चा में आ गई थीं जब उन्होंने अपने बेटे का एडमिशन महंगे स्कूल में कराने के बजाय आंगनबाड़ी केंद्र में कराया था। स्वाति भदौरिया ने तब बताया था कि उनके बेटे ने आंगनबाड़ी केंद्र में अपने सहपाठियों के साथ खाना खाया। जब वह घर लौटा तो काफी खुश नजर आ रहा था।