देहरादून: उत्तराखंड के राजपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक खजानदास ने धामी कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली है। खजानदास जमीनी स्तर के नेता माने जाते हैं और भाजपा से अनुसूचित जाति का एक बड़ा चेहरा भी हैं। खजानदास राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र से लगातार दो बार विधायक बन चुके हैं, जबकि उससे पहले वे मंत्री का दायित्व भी संभाल चुके हैं।
उत्तराखंड में धामी कैबिनेट में लंबे समय से रिक्त मंत्री पदों पर आज नए मंत्रियों ने शपथ ग्रहण की है। पांच नए मंत्रियों को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने लोक भवन में शपथ ग्रहण करवाई। विधायक से मंत्री बने खजानदास ने जमीनी स्तर से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। वे भारतीय जनता पार्टी से अनुसूचित जाति का एक बड़ा चेहरा हैं और कई सालों तक बूथ लेबल के कार्यकर्ता के रूप में कार्य कर चुके हैं।
लंबे समय तक जमीनी स्तर पर काम करने के बाद खजानदास को कैबिनेट में जगह मिली है। खजानदास साल 2017 में हुए चुनाव में राजपुर रोड विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे। 2017 के चुनाव में खजानदास ने कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार को लगभग 9000 वोटों से हराया था। उसके बाद वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में भी खजानदास ने भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और अपनी जीत दर्ज की। खजानदास ने कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार को और अधिक वोटों के अंतर से हराया। इस बार का अंतर बढ़कर 11000 वोटों का हो गया था।
इससे पहले खजानदास पहली बार 2007 में धनौल्टी से चुनाव लड़कर जीते थे और विधायक बने। पूर्व में वे खंडूरी सरकार में खेल, समाज कल्याण और शिक्षा मंत्री का कार्यभार संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। खजानदास देहरादून के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम शांत दास है। खजानदास अपनी स्कूली शिक्षा बीच में छोड़ कर सामाजिक कार्यों में सक्रिय हो गए थे।
राजनीति में आने के बाद खजानदास ने सामाजिक कार्यों में और लगन से जुटे रहे। भाजपा में वे प्रदेश उपाध्यक्ष, महामंत्री और प्रवक्ता जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को निभा चुके हैं। वे कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद रखते हैं और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी खुलकर अपनी राय रखते हैं। यहां तक कि क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान के लिए वे विभागीय अधिकारियों से सीधा सवाल करते हैं और कार्यों में खर्च और गुणवत्ता पर भी सार्वजनिक रूप से आपत्ति दर्ज कर उन्होंने यह साफ किया है कि क्षेत्रीय मुद्दों पर वह अपनी राय रखने में हिचकते नहीं।