SP and SSP Jobs in Hindi: भारत के राज्यों में पुलिस विभाग में जिम्मेदारियों के अनुसार अलग-अलग पद हैं। इनमें एसपी और एससपी का पोस्ट भी शामिल है। हालांकि, ये दोनों अधिकारी प्रशासन, अपराध नियंत्रण और पुलिस बलों की देखरेख से जुड़े लगभग एक जैसे ही काम करते हैं, फिर भी इनके अधिकार, तैनाती के स्थान और वरिष्ठता में कुछ अंतर होते हैं। SP और SSP के बीच के इस अंतर को समझने से लोगों को यह जानने में मदद मिलती है कि पुलिस प्रशासन की संरचना कैसी है और किसी जिले में सबसे ज्यादा जिम्मेदारी किसके पास होती है। यहां विस्तार से जानें।

SP का पूरा नाम (SP Full Form) पुलिस अधीक्षक (Superintendent of Police) होता है। यह जिले के पुलिस विभाग का प्रमुख अधिकारी होता है। एसपी कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण करने और जिले की पुलिस व्यवस्था को संभालने का जिम्मेदार होता है। कई जिलों में एसपी ही मुख्य पुलिस अधिकारी होता है।

SSP का पूरा नाम (SSP Full Form in Hindi) वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (Senior Superintendent of Police) होता है। राज्यों के पुलिस सिस्टम में यह बड़ी अधिकारी की पोस्ट है। आमतौर पर बड़े जिलों, महानगरों या ज्यादा संवेदनशील क्षेत्रों में SSP की नियुक्ति की जाती है।

ज्यादातर राज्यों में जिला स्तर पर पुलिस व्यवस्था का नेतृत्व एसएसपी (SSP) या एसपी (SP) करते हैं। जिले में पुलिस विभाग के सबसे वरिष्ठ अधिकारी यही होते हैं। दोनों पदों में खास अंतर नहीं होता। जब एसपी की पोस्ट पर काम करते हुए 9 से 13 साल की सर्विस हो जाती है तो वह अधिकारी SSP होता है। दोनों ही अधिकारी आमतौर पर IPS ऑफिसर होते हैं।

एसएसपी और एसपी के कार्य और अधिकार लगभग समान होते हैं। दोनों पद सामान्य जिलों की पुलिस व्यवस्था संभालते हैं। हालांकि, उत्तर प्रदेश में कुछ बड़े जिले ऐसे भी हैं, जहां डीआईजी रैंक के अधिकारियों को एसएसपी के पद पर तैनात किया गया है।

प्रशासनिक दृष्टि से SSP और SP दोनों ही बड़े पुलिस अधिकारी हैं। कार्य, अधिकार और जिम्मेदारी के हिसाब से दोनों की पोस्टिंग होती है। जब बड़े जिलों में आईपीएस के बाद एसपी बनाकर भेजे जाते हैं तो वे एसपी होते हैं। जब इनकी सर्विस के 9 साल से ज्यादा की हो जाती है तो अनुभव के आधार इन्हें पुलिस विभाग में बड़ा अधिकारी एसएसपी कहा जाता है। (सभी फोटो क्रेडिट-Pexels)