हरिद्वार: उत्तराखंड में वर्ष 2027 में कुंभ मेला का आयोजन होने जा रहा है। हरिद्वार कुंभ 2027 को लेकर तैयारियों को पूरा कराया जा रहा है। आयोजन की तैयारियों के बीच केंद्र सरकार की ओर से इस वृहत आयोजन की तैयारियों को पूरा कराने के लिए 500 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 हरिद्वार की तैयारियों के लिए 500 करोड़ रुपये जारी करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। सीएम धामी ने हरिद्वार कुंभ के भव्य और दिव्य बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला केवल एक धार्मिक सभा नहीं है, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक सद्भाव को दिखाने वाला दुनिया भर में मशहूर एक बड़ा त्योहार है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से मंजूर किए गए फंड कुंभ मेला 2027 को दिव्य, भव्य और अच्छी तरह से तैयारियों को पूरा कराने में अहम भूमिका निभाएंगे।
सीएम धामी ने कहा कि इस अलॉटमेंट से इंफ्रास्ट्रक्चर, ट्रैफिक मैनेजमेंट, पीने के पानी की सप्लाई, सफाई, सुरक्षा व्यवस्था और तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़े काम में तेजी आएगी।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार उत्तराखंड के विकास के लिए कमिटेड है। उन्होंने कहा कि चार धाम प्रोजेक्ट, ऑल-वेदर रोड और रेल और एयर कनेक्टिविटी के विस्तार जैसी पहलों के लिए सपोर्ट ने राज्य के विकास को काफी मजबूत किया है। कुंभ मेला 2027 के लिए यह मदद इस इवेंट के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार के इरादे को और मजबूत करेगी।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के मिलकर किए गए प्रयासों से कुंभ मेला 2027 एक ऐतिहासिक, सुरक्षित और अच्छी तरह से मैनेज किया जाने वाला इवेंट बनेगा। इससे देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी।
कुंभ मेला के आयोजन को लेकर राज्य सरकार की तैयारियों को तेज किया गया है। हरिद्वार में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए तैयारियां की गई हैं। सीएम धामी ने इस मामले में कहा कि राज्य सरकार सभी संबंधित कामों को समय पर, पारदर्शी और अच्छी क्वालिटी के साथ पूरा करके एक दिव्य और भव्य कुंभ मेला 2027 आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए लगातार कार्यक्रमों की समीक्षा की जा रही है।