देहरादून: मई के महीने में आमतौर पर जहां गर्मी लोगों को परेशान करती है, वहीं उत्तराखंड में मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदल लिया है कि ठंड का एहसास होने लगा है। बीते दिनों हुई बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि ने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट ला दी है। इसका असर न केवल जनजीवन पर पड़ा है, बल्कि चारधाम यात्रा, यातायात, बिजली व्यवस्था और नदी जलस्तर जैसे कई अहम पहलुओं पर भी देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हालात को देखते हुए राज्य के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर लोगों और प्रशासन को सतर्क रहने को कहा है।
राजधानी देहरादून में सोमवार सुबह की शुरुआत बारिश और ठंडी हवाओं के साथ हुई। यहां अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 5.3 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो इस मौसम के लिहाज से काफी कम है। लगातार बारिश और बादलों की वजह से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन ठंड का असर भी साफ महसूस किया जा रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार और मंगलवार के लिए राज्य के अलग-अलग जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सोमवार को हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, उधम सिंह नगर और चंपावत में तेज हवाओं, बारिश, बिजली गिरने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मंगलवार के लिए उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी इसी तरह के खराब मौसम की चेतावनी दी गई है।
रविवार को तेज आंधी और बारिश ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ और कई स्थानों पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। देहरादून के त्यूनी क्षेत्र में 15 से अधिक मकानों की छतें उड़ गईं। सुबह के समय घने काले बादलों के कारण अंधेरा छा गया, जिससे हालात और गंभीर हो गए।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते टिहरी बांध से पानी छोड़े जाने की संभावना जताई जा रही है। इसका असर ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में देखने को मिल सकता है, जहां गंगा का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए SDRF को अलर्ट मोड पर रखा गया है और घाटों पर पर्यटकों व श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की चेतावनी दी जा रही है।
खराब मौसम का असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले मौसम की ताजा जानकारी जरूर लें और जोखिम से बचें।
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क है। सभी जिला और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्रों को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें।
मौसम विभाग के अनुसार, 4 और 5 मई के बीच का समय उत्तराखंड के लिए मौसम के लिहाज से संवेदनशील रहेगा, ऐसे में सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा उपाय है।