देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली है और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। पर्वतीय जिलों में जहां तेज बारिश, ओलावृष्टि और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड लौट आई है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में उमस और गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 मई को भी राज्य के कई पर्वतीय जिलों में बारिश, आकाशीय बिजली और तेज झोंकेदार हवाओं का अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय रहने से अगले कुछ दिनों तक पहाड़ों में मौसम खराब बना रह सकता है, जबकि मैदानी इलाकों में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
बुधवार को बागेश्वर, उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ समेत कई पर्वतीय जिलों में मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर बाद तेज हवाओं के साथ बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई। बागेश्वर के गरुड़, कांडा और कपकोट क्षेत्रों में जोरदार ओले गिरने से सड़कों और घरों की छतों पर सफेद चादर बिछ गई। इससे स्थानीय बाजारों में अफरा-तफरी मच गई और किसानों को फसलों के नुकसान की चिंता सताने लगी।
उत्तरकाशी में दिनभर मौसम साफ रहने के बाद शाम को अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और जोरदार बारिश शुरू हो गई। अचानक आए इस बदलाव से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई और लोगों को ठंड का एहसास होने लगा।
चमोली जिले में पिछले तीन दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। बुधवार को जिला मुख्यालय गोपेश्वर में तेज ओलावृष्टि हुई, जिससे सड़कें और वाहन सफेद परत से ढक गए। बद्रीनाथ धाम, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार 4200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान भी हिमपात जारी रह सकता है। चमोली में हवा की रफ्तार 43 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की गई, जिससे ठंडक काफी बढ़ गई है। इसका असर चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है और यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के मुताबिक अगले 24 घंटों में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
इसके अलावा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और पहाड़ी रास्तों पर सावधानी बरतने की सलाह दी है।
जहां पहाड़ों में ठंडक महसूस की जा रही है, वहीं मैदानी इलाकों में गर्मी और उमस ने लोगों को बेहाल कर रखा है। उधम सिंह नगर के काशीपुर और जसपुर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बाजपुर, गदरपुर, सितारगंज और नानकमत्ता जैसे इलाकों में भी तापमान 39 डिग्री के आसपास बना हुआ है।
हवा में 50 प्रतिशत तक नमी दर्ज होने के कारण चिपचिपी गर्मी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार से पांच दिनों में मैदानी क्षेत्रों के तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि हो सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान रुड़की में राज्य का सबसे अधिक तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हरिद्वार और आसपास के इलाकों में भी गर्मी और उमस का असर साफ दिखा। हालांकि 14 मई को कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है, लेकिन इससे तापमान में ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
राजधानी देहरादून और जौलीग्रांट क्षेत्र में बुधवार को बादलों की आवाजाही बनी रही। यहां अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक शाम के समय गरज वाले बादल विकसित हो सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार 15 मई के बाद मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। मैदानी इलाकों में मौसम शुष्क होने लगेगा, जिससे तापमान में और बढ़ोतरी होगी। वहीं 16 और 17 मई को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में फिर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
18 मई से पूरे उत्तराखंड में मौसम पूरी तरह शुष्क होने और गर्मी बढ़ने के संकेत दिए गए हैं।