मसूरी: उत्तराखंड के मसूरी में बुधवार रात को दो समुदायों में जमकर मारपीट हुई। आरोप है कि कुछ लोग सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के लोगों को लगातार निशाना बना रहे हैं। आरोप ये भी है कि सफाई कर्मचारियों पर जातिसूचक टिप्पणियां करके शहर का माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। इस पूरे विवाद के चलते मसूरी के कोतवाली परिसर में बुधवार को पूरी रात हंगामा हुआ।
इस घटना के बाद सुबह होते ही वाल्मीकि समाज और नगर पालिका के सफाई कर्मचारी बड़ी संख्या में मसूरी कोतवाली पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग लगातार उन्हें निशाना बना रहे हैं और जातिसूचक टिप्पणियां कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस घटना के चलते कई सफाई कर्मचारियों ने कुछ समय के लिए अपने काम का बहिष्कार किया। इस वजह से शहर भर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होती नजर आई। सफाई कर्मचारियों का कहना है कि लगातार हो रही घटनाओं के चलते उनमें डर का माहौल है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग रात के समय शराब के नशे में टैक्सी ड्राइवर्स के साथ मिलकर जबरदस्ती बखेड़ा खड़ा करते हैं और कर्मचारियों से अभद्रता करते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले ही नगर पालिक के बैरियर पर तैनात कुछ कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई थी, लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस पूरे बवाल को देखते हुए नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन सहित पालिका प्रशासन मौके पर पहुंचा। मीरा सकलानी ने कर्मचारियों को समझाते हुए कहा कि नगर पालिका प्रशासन कर्मचारियों के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पालिक प्रशासन ने पुलिस अधिकारियों से आरोपियों को गिरफ्तार करने और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस पूरी घटना पर मसूरी कोतवाल का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।