देहरादून: उत्तराखंड में नर्सिंग एकता मंच के प्रदर्शन के दौरान पेट्रोल डालने और पानी की टंकी पर चढ़ने के मामले में केस दर्ज किया गया है। ज्योति रौतेला उत्तराखंड महिला कांग्रेस की अध्यक्ष हैं। उनके खिलाफ गुरुवार 14 मई को केस दर्ज किया गया। ज्योति रौतेला पर परेड ग्राउंड इलाके में आत्मदाह का प्रयास और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है। उत्तराखंड महिला कांग्रेस अध्यक्ष 11 मई को नर्सिंग अधिकारियों की वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग एकता मंच के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई। इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (IPHS) की गाइडलाइन के तहत वर्षवार भर्ती की मांग की गई थी।
देहरादून पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 11 मई को ज्योति रौतेला, उनके समर्थकों और बेरोजगार नर्सिंग प्रोफेशनल अपनी मांगों को मनवाने के लिए में एक पानी की टंकी पर चढ़ गए। अधिकारियों की बार-बार अपील के बावजूद ज्योति रौतेला और उनके चार समर्थक टंकी के टॉप पर ही डटे रहे। अन्य प्रदर्शनकारियों ने नीचे धरना दिया। इससे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। घटना सामने आने के बाद पुलिस की भारी संख्या में तैनाती की गई।
ज्योति रौतेला ने 12 मई को कथित तौर पर अपने ऊपर पेट्रोल डाला। प्रदर्शनकारियों की मांगों के समर्थन में खुद को आग लगाने की धमकी दी। इसी दौरान, नर्सिंग ग्रेजुएट्स ने परेड ग्राउंड के बाहर मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ। सड़क को खुलवाने के लिए भी पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। 13 मई को देहरादून प्रशासन ने सरकार को अपनी मांगों का एक प्रस्ताव भेजा, जिसके बाद ज्योति रौतेला और उनके सहयोगी पानी की टंकी से नीचे उतरे।
दालनवाला पुलिस ने इस मामले में ज्योति रौतेला और उसके साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 126-2 (गलत तरीके से रोकना), 221 (बाधा डालना), 223 (अवज्ञा), 226 (आत्महत्या का प्रयास), 292 (सार्वजनिक उपद्रव) और धारा 329-3 (आपराधिक अतिक्रमण) और पेट्रोलियम एक्ट की धारा 23 के तहत केस दर्ज किया है। ज्योति के आत्मदाह के प्रयास के दौरान उनके साथियों ने ऐसा करने से रोका था। दरअसल, बेरोजगार नर्सिंग प्रोफेशनल करीब 159 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं।
ज्योति रौतेला का अब अस्पताल से केस दर्ज किए जाने के मामले में बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि 60 घंटे बाद नर्सिंग कर्मियों के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के बाद हमने अपना धरना स्थगित किया। मैंने कल अपने ऊपर पेट्रोल डाला था। सरकार के स्तर पर तब भी कोई एक्शन नहीं लेना स्प्ष्ट बताता है कि इस सरकार के राज में महिलाओं और बेटियों की कोई सुनवाई नहीं है।
महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि आज मैं कोरोनेशन अस्पताल में हूं। डॉक्टर ने बताया है कि मेरे शरीर में काफी हिस्सा जला है। सरकार की ओर से मुझे 24 घंटे बाद हॉस्पिटल में लाना उनकी असंवेदनशीलता दर्शाता है। मैंने अभी मीडिया में एसएसपी देहरादून का बयान देखा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि जो लोग टंकी पर चढ़े हैं, उन पर वैधानिक कार्यवाही होगी।
ज्योति रौतेला ने कहा कि मैं एसएसपी देहरादून से निवेदन करती हूं कि उन बच्चों पर कोई कार्यवाही न हो, उनके भविष्य का सवाल है। आपको जो भी कार्रवाई करनी है मेरे ऊपर कीजिए। मैं कानूनी लड़ाई लड़ने को भी तैयार हूं। इससे पहले बुधवार को उन्होंने कहा था कि सरकार के वर्षवार भर्ती के आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त हुआ है। अगर सरकार ने कोई आनाकानी की तो दोगुनी ताकत से फिर आंदोलन होगा।