देहरादून: उत्तराखंड में भीषण गर्मी में जीना मुहाल कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार आज देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं भीषण गर्मी के चलते जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी हो रही है। प्रदेश में मैदानी जिलों के साथ-साथ पहाड़ भी तपने लगे हैं। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। दिन चढ़ने के साथ-साथ सूरज के तेवर भी तल्ख हो रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। गुरुवार को एक दिन में 500 से अधिक फायर अलर्ट जारी किए गए। जंगलों में भीषण आग लगने से एक मौत की भी खबर है।
प्रदेश के शहरों में दिन के समय लोगों के आवाजाही भी कम हो गई है और सड़कें सूनी होने लगी हैं। गुरुवार को भी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में तेज धूप और गर्मी ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए। वहीं, चमोली जनपद में बुधवार की रात जंगल में लगी आग बुझाने गए फायर वॉचरों में से एक की खाई में गिरने से मौत हो गयी। इन दिनों शाम के समय भी गर्म हवाएं पसीने छुड़ा रही हैं।
प्रदेश में जारी भीषण गर्मी के बीच मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है कि आज पर्वतीय जिलों के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाई चल सकती हैं। इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसका असर पर्वतीय क्षेत्रों के तापमान में भी दिखाई देगा। प्रदेश भर में अगले तीन दिन के बाद अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट का अनुमान है।
प्रदेश में पारा 40 डिग्री के पार करने के साथ ही जंगल धधकने लगे हैं। गुरुवार को चमोली में जंगल की आग की चपेट में आने से एक फायर वाचर की मौत हो गई। गुरुवार को एक ही दिन में 500 से ज्यादा फायर अलर्ट फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया ने जारी किए। प्रदेश में अब तक 240 हेक्टेयर से ज्यादा जंगल जल चुके हैं। पिछले तीन-चार दिनों से तापमान बढ़ने के साथ गढ़वाल और कुमाऊं में जंगलों में आग लगी है। गुरुवार सुबह छह बजे तक 310 फायर अलर्ट मिले। दोपहर में 172 अलर्ट दोबारा जारी किए गए।
उत्तराखंड में 31 जगह बड़ी वनाग्नि की घटनाओं के भी अलर्ट जारी किए गए। टिहरी और बागेश्वर के जंगलों में सबसे अधिक आग लगने की घटना सामने आई है। वन विभाग की ओर से आग लगने की घटना की जानकारी पर एक्शन चल रहा है। अधिकारी और कर्मी फायर टीम के साथ पहुंच कर आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस बीच जंगल में आग बुझाने गए एक फायर वाचर की गहरी खाई में गिरने से मृत्यु की खबर सामने आई है। रात भर चले सर्च अभियान के बाद एसडीआरएफ ने गुरुवार सुबह खाई से शव बरामद किया। बदरीनाथ के प्रभागीय वनाधिकारी सर्वेश दुबे के अनुसार, चमोली जिले के बेडूबगड़ बिरही क्षेत्र में बदरीनाथ हाइवे के पास चीड़ के जंगल में आग लगी थी। इसके बाद फायर वाचर राजेंद्र सिंह नेगी को आग बुझाने के लिए भेजा गया। पाखी जलग्वाड़ निवासी राजेंद्र सिंह नेगी झुलस कर खाई में गिर गए। इससे उनकी मौत हो गई।
वहीं, कीर्तिनगर के पैडूला में पिपोला निवासी 50 वर्षीय अंजू देवी की बुधवार को जंगल में जलने से मौत हो गई। वह 20 मई की दोपहर जंगल में घास लेने गई थी। जंगल में आग भड़क उठने से इसकी चपेट में आ गई। देर शाम तक नहीं लौटने के बाद ग्रामीण उनकी खोज में जंगल में पहुंचे। वहां उनका अधजला शव पड़ा मिला। नरेंद्रनगर के डीएफओ दिगांथ नायक के मुताबिक, जांच में घास में अज्ञात कारणों से आग लगने से महिला की मौत की बात सामने आई है।