केदारनाथ: उत्तराखंड में इन दिनों मौसम पूरी तरह से बदला दिख रहा है। पिछले एक माह में पहाड़ों पर कई दौर की बर्फबारी देखने को मिली है। इससे पहाड़ों में मौसम बिल्कुल बदला दिख रहा है। मार्च-अप्रैल में बारिश और बर्फबारी ने प्रशासन और सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार को एक बार फिर पहाड़ों पर मौसम में बदलाव दिखा। इससे पूरे केदारनाथ मंदिर क्षेत्र में बर्फ ही बर्फ नजर आ रहा है। ऐसे में 17 दिन बाद केदारनाथ कपाट खुलने की तैयारियों के समय पर पूरा होने को लेकर संकट खड़ा होता दिख रहा है।
केदारनाथ धाम में लगातार भारी बर्फबारी ने पूरे केदारनाथ शहर को बर्फ की मोटी परत से ढक दिया है। दोपहर बाद तक बर्फबारी जैसी स्थिति बनी दिखी। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में पहाड़ों पर बर्फबारी और बारिश जैसा सिस्टम बना हुआ है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़नी तय हैं। हालांकि, मैदानी इलाकों में भी बादलों के छाने से लगातार बढ़ती गर्मी से लोगों को राहत मिली है।
केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को खुलने वाले हैं। इसको लेकर जिला प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से तैयारियां तेज हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी स्वयं केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की व्यवस्था का जायजा लेते दिखे हैं। अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। हालांकि, इस बीच भारी बर्फबारी का सीधा असर आने वाली तीर्थयात्रा की तैयारियों पर पड़ रहा है।
केदारनाथ में लगातार खराब मौसम की वजह से चल रहे कंस्ट्रक्शन, सफाई और दूसरी तैयारी के काम काफी धीमे हो गए हैं। मंदिर प्रबंधन की ओर से भी कपाट खोलने की व्यवस्था हो रही है। वहीं, प्रशासन की ओर से पहुंच पथ के निर्माण और अन्य कार्यों को पूरा कराया जाना है। हालांकि, खराब मौसम अपना असर लगातार दिखा रही है।
मौसम विभाग की ओर से प्रदेश के मौसम में बदलाव की बात कही गई है। दरअसल, प्रदेश में गुरुवार की शाम से ही मौसम में बदलाव आया। बारिश और तेज हवाओं ने तापमान को गिराया है। शनिवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिली। 33 हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखी गई। कई स्थानों पर आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की भी खबर है। रविवार को सुबह तक इस प्रकार की स्थिति दिख सकती है।