देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से दिल्ली के बीच फर्राटा भरने के लिए एक्सप्रेसवे का शुभारंभ हो चुका है। वाहनों की आवाजाही भी शुरू हो गई है, लेकिन चालकों को गूगल मैप की वजह से दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। यह एक्सप्रेसवे अभी तक गूगल मैप पर नजर नहीं आ रहा है। डिजिटल नक्शे पर यह रूट उपलब्ध नहीं होने की वजह से वाहन चालकों को पुराने रास्तों से ही डायवर्ट किया जा रहा है। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इस समस्या को उठाया है। उनका सवाल है कि जब एक्सप्रेसवे का विधिवत उद्घाटन हो चुका है, तब गूगल मैप पर क्यों नहीं शो हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी किसी नए रोड का शुभारंभ होता है तो उस रूट को डिजिटल मैप पर जोड़ने के लिए एक चरणबद्ध प्रक्रिया होती है। इसमें सेटेलाइट डाटा, ग्रांउड सर्वे, एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स की पुष्टि और तकनीकी परीक्षण शामिल होते हैं। इस पूरी प्रकिया में समय लगता है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक एक्सप्रेसवे गूगल मैप पर लाइव नहीं हो सकता।
इसके अलावा, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अभी चरणबद्ध तरीके से खुल रहा है। इसलिए इसकी पूरी कनेक्टिविटी और इंटरचेंज पाइंट्स को फाइनल रूप देने में समय लग रहा है। मैपिंग कंपनियां पूरी तरह से सत्यापित डेटा मिलने के बाद ही इसे अपने प्लेटफार्म पर लाइव करती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी नए हाइवे और एक्सप्रेसवे का मैप आने में कुछ हफ्ते से लेकर महीने तक का समय लग सकता है। फिलहाल अभी यात्रियों और वाहन चालकों को साइन बोर्ड के आधार पर ही सफर करना होगा। इस बीच, सोशल मीडिया पर कई इंफ्ललूएंसर्स ने ऐसे वीडियो शेयर किए हैं जिनमें उन्होंने बताया कि मात्र ढाई घंटे में देहरादून से दिल्ली तक का सफर तय किया जा सकता है। इन लोगों ने भी बताया कि अभी यह पूरा रूट गूगल मैप पर नहीं उपलब्ध है।