देहरादून: अप्रैल के महीने में ही उत्तराखंड में मौसम का मिजाज तेजी से बदलता नजर आ रहा है, जहां एक ओर मैदानी क्षेत्रों में गर्मी लोगों को बेहाल कर रही है तो वहीं पहाड़ी इलाकों में भी सूरज के तेवर तल्ख हो गए हैं। धूप और बादलों की आंखमिचौली के बीच तापमान लगातार ऊपर चढ़ रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस बदलते मौसम का असर न केवल आम लोगों पर पड़ रहा है, बल्कि पर्यटन और चारधाम यात्रा की तैयारियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
उत्तराखंड के मैदानी जिलों में गर्मी ने इस बार जल्दी दस्तक दे दी है। कई स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिन के समय चटक धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भी इस बार गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में आंशिक बादल छाने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई है। कुछ क्षेत्रों में आकाशीय बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है। बावजूद इसके, तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है, जिससे पहाड़ों में भी गर्मी महसूस की जा रही है।
गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटकों ने पहाड़ों का रुख किया, जिसके चलते मसूरी में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वीकेंड पर लाइब्रेरी चौक और पिक्चर पैलेस सहित मुख्य मार्गों पर सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। हालात ऐसे हो गए कि गाड़ियां रेंग-रेंग कर चलने को मजबूर हो गईं। इस जाम का खामियाजा स्थानीय निवासियों को भी भुगतना पड़ा।
चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड पहुंच रहे श्रद्धालुओं को भी इस बार गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। यात्रा मार्गों पर तेज धूप और बढ़ते तापमान ने यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रशासन के सामने भीड़ प्रबंधन और सुविधाएं बनाए रखने की चुनौती बढ़ती जा रही है।
22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाने हैं। इसके मद्देनजर गौरीकुंड से केदारनाथ तक पैदल मार्ग को दुरुस्त करने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। बर्फ हटाने का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, ताकि यात्रा सुगम और सुरक्षित हो सके।
पैदल मार्ग के थारू, लिंचोली, हथनी, भैरव और कुबेर ग्लेशियर क्षेत्रों में धूप के कारण ग्लेशियर टूटकर नीचे आने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में श्रमिक लगातार बर्फ हटाने और मार्ग को सुरक्षित बनाने में जुटे हुए हैं, ताकि किसी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। कहीं धूप तो कहीं बादलों की आवाजाही के बीच गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। आने वाले दिनों में भी तापमान में खास गिरावट के आसार नहीं हैं, जिससे लोगों को अभी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।