logo

most visited

  • Covid-19 vaccine: MoU on Sinopharm co-production to be signed on August 16, 2021

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • Anyone can get dressed up and glamorous, but it is how people dress in their days off.

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • I always felt that my greatest asset was not my physical ability, it was my mental ability.

    • Xgenious
    • June 19, 2022

tags

  • News
  • Fashion
  • Politics
  • Sport
  • Food
  • Videos
  • Business

Follow Us

  • Dehradun Saturday, 1 August 2026
  • Contact Us
logo
  • Home
  • Uttarakhand
    • Uttarakhand
    • Nainital
    • Dehradun
  • National
  • International
  • Economics
  • Sports
  • Entertainment
  • Education
  • Editorial
  • More
    • Technology
    • Spirituality
    • Thoughts
    • Lifestyle

BREAKING NEWS

  • 'जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है व्यक्ति', संत रविदास की 650वीं जयंती पर बोले सीएम धामी.
  • Dehradun Teacher Death Case: 'सॉरी मम्मी जा रही हूं और सहन नहीं होता', नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत.
  • मसूरी: प्रेम विवाह के 7 साल भी नहीं हुए पूरे, मसूरी में विवाहिता की फांसी लगाकर दी जान, पति पर उठे सवाल.
  • मसूरी: प्रेम विवाह के 7 साल भी नहीं हुए पूरे, मसूरी में विवाहिता की फांसी लगाकर दी जान, पति पर उठे सवाल.
  • Uttarakhand Weather Today, 29 July: देहरादून, नैनीताल समेत उत्तराखंड के 8 जिलों में आज भारी बारिश का अलर्ट, खराब मौसम के चलते प्रदेश के 111 रास्ते बंद.
 
  • Home
  • जॉर्ज एवरेस्ट का जन्मदिन: पहाड़ों की रानी थी कर्मस्थली, 200 साल पुराने इतिहास की गवाही देता जॉर्ज एवरेस्ट हाउस

जॉर्ज एवरेस्ट का जन्मदिन: पहाड़ों की रानी थी कर्मस्थली, 200 साल पुराने इतिहास की गवाही देता जॉर्ज एवरेस्ट हाउस.

 
  • Aishwarya Kumar Rai
  • 07 Jul 2026
  • 593
image  

 

मसूरी: दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट का नाम लेते ही हिमालय की ऊंची चोटियां जहन में आती हैं। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि सर जॉर्ज एवरेस्ट ने पहाड़ों की रानी मसूरी में बैठकर भारत के भूगोल को नई पहचान दी और ऐसा सर्वेक्षण किया, जिसने पूरी दुनिया को भारत का सटीक नक्शा उपलब्ध कराया। मसूरी सर जॉर्ज एवरेस्ट की कर्मस्थली थी। 4 जुलाई को सर जॉर्ज एवरेस्ट के जन्मदिन पर उनकी यादें एक बार फिर मसूरी की पहाड़ियों में जीवंत हो उठती हैं।

शहर की सबसे ऊंची पहाड़ियों में स्थित जॉर्ज एवरेस्ट हाउस आज भी इस बात का गवाहजॉर्ज एवरेस्ट का जन्मदिन पहाड़ों की रानी थी सर जॉर्ज की कर्मस्थली, 200 साल पुराने इतिहास की गवाही देता है जॉर्ज एवरेस्ट हाउस है कि करीब दो शताब्दी पहले यहीं से भारत के भूगोल का भविष्य लिखा जा रहा था। मसूरी के इतिहासकार गोपाल भारद्वाज बताते हैं कि वर्ष 1832 में जब सर जॉर्ज एवरेस्ट भारत के सर्वेयर जनरल बने तो उन्होंने अपने कार्यों के लिए मसूरी को चुना। उस समय न उपग्रह थे, न जीपीएस और न आधुनिक तकनीक। फिर भी हजारों किलोमीटर लंबे ग्रेट ट्रिगोनोमेट्रिकल सर्वे का संचालन यहीं से किया गया। यह वही ऐतिहासिक अभियान था, जिसने भारत की सीमाओं, पर्वतों, नदियों और भू-भाग का वैज्ञानिक आधार पर दस्तावेजीकरण किया।

घर से दिखती थी हिमालय की चोटियां, दून और यमुना घाटी

गोपाल भारद्वाज बताते हैं कि जॉर्ज एवरेस्ट ने जिस स्थान पर अपना आवास बनाया, वह कोई संयोग नहीं था। यहां से हिमालय की चोटियां, दून घाटी और यमुना घाटी स्पष्ट दिखाई देती थीं। दूर-दूर तक नजर रखने और सर्वेक्षण उपकरणों के संचालन के लिए यह स्थान सबसे उपयुक्त माना गया। कई-कई दिनों तक यहां वैज्ञानिक गणनाएं होती थीं और फिर सर्वे दल देश के अलग-अलग हिस्सों में माप लेने निकलते थे।

दिलचस्प बात यह है कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी का नाम खुद जॉर्ज एवरेस्ट ने कभी अपने नाम पर रखने की इच्छा नहीं जताई। वर्ष 1865 में उनके उत्तराधिकारी एंड्रयू वॉ ने उनके असाधारण योगदान को सम्मान देने के लिए पीक-15 का नाम माउंट एवरेस्ट रखने का प्रस्ताव दिया। तब से उनका नाम पूरी दुनिया में अमर हो गया, लेकिन उनकी सबसे बड़ी कार्यस्थली आज भी मसूरी ही है।

जहां कभी बनते थे नक्शे, वहां आज बनती हैं यादें

समय बदला, अंग्रेज चले गए, लेकिन जॉर्ज एवरेस्ट हाउस आज भी खड़ा है। कभी जहां थियोडोलाइट, दूरबीन और सर्वेक्षण उपकरण रखे जाते थे, वहां अब हर दिन हजारों पर्यटक पहुंचते हैं। इतिहास, प्रकृति और रोमांच का अनूठा संगम बन चुका यह स्थान अब मसूरी की सबसे चर्चित पर्यटन स्थलों में शामिल है।
पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह हेरिटेज भवन पर्यटकों को एक साथ हिमालय की बर्फीली चोटियों, दून घाटी और यमुना घाटी का विहंगम दृश्य दिखाता है। सूर्याेदय और सूर्यास्त के समय यहां का नजारा किसी प्राकृतिक चित्र जैसा दिखाई देता है। यही कारण है कि सोशल मीडिया के दौर में यह स्थान युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय फोटो और रील डेस्टिनेशन बन चुका है।


सिर्फ व्यू प्वाइंट नहीं, वैज्ञानिक विरासत

गोपाल भारद्वाज कहते हैं कि अधिकांश पर्यटक यहां केवल फोटो खिंचवाकर लौट जाते हैं, जबकि यह भवन भारत की वैज्ञानिक और प्रशासनिक विरासत का प्रतीक है। जिस समय दुनिया के कई देशों के पास व्यवस्थित मानचित्र नहीं थे, उस समय मसूरी की इस पहाड़ी से भारत के भूगोल का सबसे बड़ा वैज्ञानिक दस्तावेज तैयार किया जा रहा था। उनका मानना है कि यदि इस धरोहर को आधुनिक संग्रहालय, डिजिटल गैलरी और इंटरैक्टिव हेरिटेज सेंटर के रूप में विकसित किया जाए तो यह केवल पर्यटन स्थल नहीं रहेगा, बल्कि देश-विदेश के शोधार्थियों और इतिहास प्रेमियों के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र बन सकता है।
मसूरी का जॉर्ज एवरेस्ट हाउस आज उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण हेरिटेज धरोहरों में गिना जाता है।

 

 
Share
Previous Post
मसूरी की विवादित इमारत! हाईकोर्ट की सख्ती के बाद 60-70 फ्लैट सील, नगर पालिका और एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई
Next Post
Uttarakhand Weather Today, 07 July: देहरादून, हरिद्वार समेत उत्तराखंड के 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, प्रदेश में गर्मी से लोगों का हाल-बेहाल
First Image Second Image

Follow Us

Subscribe Us

Subscribe Us For Latest Updates.

logo

Uttarakhandbyte is a fast-growing news platform delivering the latest news and analysis from India.

  • Editor: Kunal Kataria
  • 100 Sarthi Vihar, Ajabpur Danda, Post Office - NehruGram, Dehradun, Uttarakhand
  • 9557993990
  • uttarakhandbyte@gmail.com

Popular News

  • image

    Uttarakhand Weather Today, 08 July: देहरादून, नैनीताल समेत उत्तराखंड के 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मानसून के चलते लोगों को गर्मी से मिली राहत.

    • 08 Jul 2026
  • image

    'ड्रंक ड्राइविंग के लिए सिर्फ शराब की बदबू आना काफी नहीं है', उत्तराखंड हाईकोर्ट का बड़ा फैसला.

    • 16 Jul 2026
  • image

    Uttarakhand Weather Today, 25 July: देहरादून, नैनीताल समेत उत्तराखंड के 7 जिलों में झमाझम बारिश की संभावना, प्रदेश में मौसम हुआ सुहाना.

    • 25 Jul 2026

Recent News

  • image

    'जन्म से नहीं कर्म से महान बनता है व्यक्ति', संत रविदास की 650वीं जयंती पर बोले सीएम धामी.

    • 31 Jul 2026
  • image

    Dehradun Teacher Death Case: 'सॉरी मम्मी जा रही हूं और सहन नहीं होता', नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत.

    • 31 Jul 2026
  • image

    मसूरी: प्रेम विवाह के 7 साल भी नहीं हुए पूरे, मसूरी में विवाहिता की फांसी लगाकर दी जान, पति पर उठे सवाल.

    • 30 Jul 2026

Copyright © Uttarakhandbyte 2022-26 All Rights Reserved.

Website By : World IT Dimensional Solutions.