रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में भारी बारिश से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। जगह-जगह भूस्खलन और सड़कें बाधित हो रही है। इस बीच केदारनाथ यात्रा का भी संचालन हो रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से केदारनाथ धाम स्थित संगम घाट क्षेत्र में मौजूद यात्रियों को तत्काल वहां से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया।
यह कार्रवाई भारी वर्षा एवं नदी के जलस्तर में वृद्धि की आशंका को देखते हुए रखते हुए एहतियातन की गई, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या दुर्घटना की संभावना को रोका जा सके। जिला प्रशासन द्वारा यात्रा मार्ग के विभिन्न संवेदनशील स्थलों पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, डीडीआरएफ एवं अन्य संबंधित विभागों की टीमें किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैदी के साथ तैनात हैं।
रुद्रप्रयाग जिले में कई दिनों से बारिश का क्रम जारी है। मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। जिसको देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए जिला प्रशासन पूर्ण रूप से अलर्ट मोड पर कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी विशाल मिश्रा खुद यात्रा मार्ग और मौसम को लेकर मॉनिटरिंग कर रहे हैं। यात्रा मार्ग के सभी संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का सेक्टर अधिकारियों, पुलिस, आपदा प्रबंधन तथा प्रशासनिक टीमों द्वारा लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
प्रशासनिक टीमें सोनप्रयाग, गौरीकुंड से लेकर केदारनाथ धाम तक संपूर्ण यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। यात्रा मार्ग में यात्रियों, स्थानीय नागरिकों तथा दुकान संचालकों को मौसम की स्थिति एवं संभावित जोखिमों के संबंध में जागरूक करते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी जा रही है। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करें। जनपद वासियों एवं यात्रियों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा यात्रा को सुरक्षित बनाए रखने हेतु सभी आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।