देहरादून: राहुल गांधी की 17 जुलाई को देहरादून में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ के आयोजन स्थल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने देर रात परेड ग्राउंड के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों की पुलिस के साथ भी तीखी बहस हुई। रात में ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता परेड ग्राउंड आयोजन स्थल के बाहर धरने पर बैठ गए।
जिसको लेकर काफी देर तक हंगामा होता रहा। 17 जुलाई को राहुल गांधी ने देहरादून में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में शिरकत करनी है। इसको लेकर कांग्रेसियों का दावा है कि ढ़ाई लाख से ज्यादा छात्र इस कार्यक्रम को लेकर रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इस बीच कांग्रेसियों ने नगर निगम से परेड ग्राउंड की परमिशन मांगी। जिसकी नगर निगम ने 15 से 17 जुलाई तक की परमिशन भी दी।
इस बीच 14 जुलाई को ही रैली के लिए जरूरी सामान लेकर ट्रक जब परेड ग्राउंड पहुंचे तो ट्रकों को बाहर ही रोक दिया गया। परेड ग्राउंड में एक तरफ केंद्रीय मंत्रालय के ‘लोक संवर्धन पर्व’ का पंडाल लगा हुआ था। दिनभर कांग्रेसियों ने इसको लेकर प्रशासन से बात की। शाम तक प्रशासन ने कांग्रेसियों को कार्यक्रम का आयोजन स्थल बदलने की सलाह दे दी। बताया गया कि परेड ग्राउंड में पहले से ही कार्यक्रम चल रहे हैं। इस पर कांग्रेसी भड़क गए और रात में परेड ग्राउंड कूच करने का ऐलान कर दिया।
रात तक कांग्रेस और प्रशासन के बीच विवाद बढ़ गया। बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता रात करीब 11 बजे राजपुर रोड स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में एकत्र हुए और वहां से परेड मैदान की ओर कूच किया। कांग्रेसियों के पहुंचने से पहले ही बड़ी संख्या में पुलिस बल परेड ग्राउंड में तैनात कर दिया गया था और केंद्रीय मंत्रालय के कार्यक्रम स्थल की घेराबंदी कर दी गई थी।
रात करीब सवा 11 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता परेड ग्राउंड पहुंचे। आयोजन स्थल की ओर बढ़ने पर पुलिस की घेराबंदी के बीच कांग्रेसी वहीं धरने पर बैठ गए। इसके बाद कांग्रेसियों ने परेड ग्राउंड के बाहर सड़क पर सभा शुरू कर दी और सरकार पर जमकर हमला बोला। देर रात हुए प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत, कैंपेन कमेटी के चैयरमैन और विधायक प्रीतम सिंह समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
कांग्रेसियों ने आरोप लगाया कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर जानबूझकर विवाद खड़ा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाए कि प्रशासन सरकार के दबाव में कार्रवाई कर रहा है। हालांकि बाद में कांग्रेसियों ने दावा किया कि छात्र हित में और पुलिस से किसी तरह का टकराव न हो, कार्यक्रम को बन्नू स्कूल ग्राउंड में कराने का निर्णय लिया गया है।