देहरादून: उत्तराखंड के अल्मोड़ा के रवि टम्टा ने एक नवाचार किया है। जो कि सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। रवि ने हवा में उड़ने वाली कार तैयार की है। जिसे पर्सनल फ्लाइंग व्हीकल कह सकते हैं। रवि ने इस गाड़ी का अल्मोड़ा में सफल परीक्षण भी कर लिया गया है। जिसको उड़ाकर भी चेक किया गया है। रवि टम्टा ने ड्रोन तकनीक पर आधारित बिना किसी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के इंटरनेट के जरिये पढ़ाई कर गांव में फ्लाइंग कार बनाई है।
शुक्रवार को अल्मोड़ा के ही आर्मी हेलीपैड पर इसका सफल परीक्षण किया गया। इस दौरान वह करीब एक मिनट तक हवा में ही रहे। रवि टम्टा के अनुसार 40 मिनट की दूरी इस वाहन से 12 मिनट में पूरी की जा सकती है। रवि का दावा है कि यह भारत में बनाया गया पहला Personal Flying Vehicle है। रवि के इस HAPIDA SKYNEX को एक प्रोटोटाइप और परीक्षण स्तर के नवाचार के तौर पर देखा जा रहा है।
रवि टम्टा ने इंटरनेट के जरिये पढ़ाई कर अपने ही गांव में फ्लाइंग कार बनाई है। शुक्रवार को अल्मोड़ा के ही आर्मी हेलीपैड पर इसका सफल परीक्षण किया गया। अल्मोड़ा जिले के काफलीखान गांव निवासी रवि ने 2015 में उड़ती हुई कार का सपना देखा था। इसके बाद उन्होंने अपनी हैपिडा स्काई प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई। 10 साल में रवि का सपना पूरा हुआ। दावा है कि यह हवा में करीब 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है। इस दौरान वह करीब एक मिनट तक हवा में ही रहे।
रवि टम्टा इससे पहले भी कई प्रयोग कर चुके हैं। रवि ने इससे हपले एक स्टिक बनाई जो कि मोबाइल चार्ज करती है, टॉर्च का काम करती है। 2007 में रवि ने बोतल के अंदर ही बैट्री बना कर बल्ब जलाया था। 2019 में उन्होंने एक इलेक्ट्रोलाइट पंप मशीन विकसित करने का दावा किया था। उन्होंने दावा किया था कि इस तकनीक के जरिए इलेक्ट्रिक वाहनों को कम समय में चार्ज किया जा सकता है। इसके अलावा रवि मोबाइल चार्ज करने वाले जूते और हेलीकॉप्टर के शुरुआती मॉडल जैसे प्रयोग भी कर चुके हैं।