देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से गठित राष्ट्रीय टीम में जगह मिली है। लोकसभा चुनाव 2024 में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं मिला था। इसके बाद तीरथ सिंह रावत पर्दे के पीछे जाते दिखे थे, लेकिन उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री की संगठन में धमाकेदार वापसी हुई है। उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ-साथ गढ़वाल सीट से सांसद अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक मनाया गया है। पौड़ी गढ़वाल इलाके के दो बड़े नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद उत्तराखंड में राजनीतिक माहौल गरमाता दिख रहा है। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक बिसात बिछने लगी है। इस क्रम में पार्टी एक बार फिर प्रदेश की सत्ता में वापसी के समीकरण तैयार करती दिख रही है। इसमें पौड़ी गढ़वाल इलाके की भूमिका को अहम माना जा रहा है।
तीरथ सिंह रावत पार्टी के सीनियर नेताओं में से एक हैं। उन्होंने 10 मार्च 2021 को प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। हालांकि, वे महज 4 माह ही इस पद पर रह सके। 2 जुलाई 2021 को उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद पुष्कर सिंह धामी को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। तीरथ सिंह रावत का जन्म पौड़ी गढ़वाल के सीरों, पट्टी असवालस्यूं में हुआ था। तीरथ सिंह रावत ने छात्र राजनीति से अपने करियर की शुरुआत की। हेमवती नंदन गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष और यूपी छात्र संघ मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे। उन्होंने वर्ष 1983 से वर्ष 1988 तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के तौर पर काम किया।
तीरथ सिंह रावत एबीवीपी के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री के पद पर भी काम किया। वर्ष 1997 में पहली बार वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य के तौर पर निर्वाचित हुए। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद वर्ष 2000 में बनी सरकार में वे प्रदेश के पहले शिक्षा मंत्री बनाए गए थे। वर्ष 2007 में उन्हें भारतीय जनता पार्टी ने उत्तराखंड का प्रदेश महामंत्री बनाया। उत्तराखंड के चौबट्टाखाल विधानसभा क्षेत्र से वे 2012 में विधायक चुने गए। वर्ष 2013 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया।
तीरथ सिंह रावत फरवरी 2013 से फरवरी दिसंबर 2015 तक हुए प्रदेश अध्यक्ष के पद पर रहे। वर्ष 2013 में उत्तराखंड देवी आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के अध्यक्ष बनाए गए। गढ़वाल लोकसभा सीट से उन्होंने मनीष खंडूरी को भारी मतों से हराकर जीत दर्ज की थी। हालांकि, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर अनिल बलूनी को उम्मीदवार बनाया गया। वे भी इस सीट पर जीत दर्ज करने में कामयाब रहे।
पौड़ी गढ़वाल से आने वाले अनिल बलूनी को राष्ट्रीय मीडिया संयोजक बनाए जाने से पार्टी के मीडिया एवं संचार तंत्र में उनकी भूमिका अहम हो गई है। अनिल बलूनी अभी गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद हैं। इससे पहले वे भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख का पद भी संभाल चुके हैं। पिछले दिनों दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण के दौरान अनिल बलूनी ने इस पर यात्रा का लाइव किया था। इसके अलावा वे सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहते हैं। उत्तराखंड चुनाव से पहले बड़ी भूमिका मिलने से प्रदेश में चर्चा गरमाई है।