देहरादून: उत्तराखंड कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से प्रदेश में एसआईआर अभियान को लेकर कई शिकायत दर्ज कराई हैं। कांग्रेस का आरोप है कि उत्तराखंड में जारी एसआईआर अभियान के दौरान मतदाता सूची से संदेहास्पद तरीके से नाम हटाने सहित कई अनियमितताएं हुई हैं। एआईसीसी प्रभारी महासचिव कुमारी शैलजा के नेतृत्व में कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को निर्वाचन आयोग में याचिका दायर की है।
शैलजा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उत्तराखंड में एसआईआर की आड़ में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई योग्य मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। लोगों को मनमाने ढंग से उनके निवास स्थान से अनुपस्थित घोषित कर दिया जाता है, और युवाओं को गलत तरीके से मृत दर्शाया जाता है।
नोटिस जारी तो किए जाते हैं लेकिन वे वास्तव में लोगों तक कभी नहीं पहुंचते, और इन गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई नाम ऐसे लोगों की शिकायतों के आधार पर हटाए गए जिनके बारे में खुद कोई जानकारी नहीं है। उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं ने एसआईआर के मुद्दे को लेकर दिल्ली स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया। इसके बाद चुनाव आयोग को ज्ञापन भी सौंपा है।
इसके बाद देहरादून में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कांग्रेस के उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलावा भेजा है। शुक्रवार को दोपहर तीन बजे सचिवालय स्थित आयोग कार्यालय में एसआईआर को लेकर वार्ता की जाएगी। केंद्रीय चुनाव आयोग ने एसआईआर को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों को लेकर वार्ता के समय की मांग पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को बृहस्पतिवार को निर्देश दिए। इस आधार पर उत्तराखंड के सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल को पत्र भेजा। इसमें कांग्रेस के एसआईआर प्रकरण पर विचार-विमर्श के लिए उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल को 21 अगस्त को बुलाया गया है।