देहरादून: वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद में अब कांग्रेस नेता हरक सिंह भी कूद गए हैं। हरक सिंह ने अपनी पार्टी का समर्थन करते हुए कहा है कि कांग्रेस बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान पर चलने वाली पार्टी हैं। ऐसे में बीजेपी के कहने पर पूरा वंदे मातरम नहीं गायेंगे। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या हम बीजेपी के टट्टू हैं कि वह जो कहे, हम वही करें।
हरक सिंह रावत ने कहा कि कांग्रेस संविधान को मानने वाली पार्टी है और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए संविधान का पालन करती है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार ही कांग्रेस अपने फैसले लेगी। बता दें कि कांग्रेस कार्यसमिति ने आधिकारिक तौर पर तय किया कि वह अपने कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल पहले दो छंद ही गाएगी। जिसको लेकर सियासत गरमाई हुई है।
उन्होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि बीजेपी के लोग कह दें कि वे अंबेडकर के संविधान को नहीं मानते। अंबेडकर के जन गन मन और वंदे मातरम को नहीं मानते। उन्होंने बीजेपी को कहा कि वे कह दे कि हमारा देश धर्मनिरपेक्ष नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि हम आस्तिक हैं। बीजेपी के लोगों से ज्यादा सनातनी हैं। लेकिन दूसरे धर्म का भी सम्मान करते हैं। हरक सिंह ने कहा कि लोग उन्हें झगडालू समझते हैं लेकिन वे एक मच्छर भी नहीं मार सकते हैं।
इसके बाद हरक ने फिर से बीजेपी को चुनौती दे डाली कि वे बीजेपी के लोगों से अच्छा धर्म कर्म का ज्ञान दे सकते हैं। इसके लिए प्रवचन में वे बीजेपी के लोगों से जीत जाएंगे। इस तरह हरक बीजेपी पर जमकर हमलावर है। इससे पहले भी हरक सिंह बीजेपी पर लगातार जुबानी जंग लड़ने में जुटे हैं। हरक ने हाल ही में बीजेपी सरकार के सभी मंत्रियों को जूनियर बताते हुए दावा किया था कि वे इस समय सबसे सीनियर नेता हैं। उन्होंने ये भी कहा था कि अधिकतर कैबिनेट मंत्री उनके चेले रहे हैं। जिनको वे राजनीति में लेकर आए हैं।
हरक सिंह अपने तेवर और मुखर बयानों के लिए चर्चाओं में रहते हैं। हरक सिंह उत्तराखंड कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वे इससे पूर्व बीजेपी सरकार में मंत्री रहे। पहले हरक कांग्रेस में ही थे, लेकिन हरीश रावत सरकार से विद्रोह के बाद बीजेपी में चले आए। इसके बाद 2022 चुनाव से पहले कांग्रेस में चले गए। हरक सिंह नेता प्रतिपक्ष के साथ ही कई बार कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।