उत्तरकाशी: उत्तराखंड के पहाड़ों में पलायन को रोकने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए स्वरोजगार ही सबसे बड़ा और प्रभावी साधन हो सकता है। इसमें पहाड़ की महिलाएं भी आगे आई हैं। जो कि युवाओं और दूसरी महिलाओं के लिए मिसाल बन रही हैं। ऐसा ही उदाहरण पेश किया है उत्तरकाशी की उर्मिला कंसवाल ने।
उर्मिला ने ग्रेजुएशन की पढ़ाई के बाद पहाड़ में खेती की चुनौतियों को स्वीकार किया और आधुनिक तरीके से गांव की खेती पर फोकस किया। उर्मिला ने उत्तरकाशी के लौंथरू गांव में अमेरिकन गेंदा फूल का उत्पादन किया और इसमें सफल होने के बाद अब इसकी खेती को बढ़ावा दे रही हैं। उर्मिला ने आज पूरे क्षेत्र ही नहीं प्रदेश में स्वरोजगार को बढ़ावा देकर मिसाल पेश की है। साथ ही अन्य महिलाओं को भी प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर होने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
उर्मिला अब लौंथरू गांव में कीवी का उत्पादन भी कर रही हैं, जिसके अच्छे संकेत मिले हैं। जो कि भविष्य के लिए काफी उम्मीदें दे रहा है। इसके साथ ही उर्मिला जैविक खाद और खेती पर फोकस कर रही है। जिससे आने वाले समय में वह पहाड़ की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभर रही हैं। साथ ऐसे युवाओं को भी प्रेरित कर रही हैं, जो कि पहाड़ों में कुछ करना चाहते हैं।
मूल रूप से गोरशाली गांव में जन्मीं उर्मिला का लौंथरू गांव में ससुराल है। इस क्षेत्र में परंपरागत खेती में कुछ खास फायदा नहीं हो रहा था। उर्मिला ने बताया कि वर्ष 2023 में उद्यान विभाग की ओर से उनके महिला स्वयं सहायता समूह की करीब 25 महिलाओं को अमेरिकन गेंदा फूल के उत्पादन का प्रशिक्षण दिया गया था। उसके बाद उर्मिला और सुषमा ने 40 नाली भूमि पर गेंदा बोया। उन्होंने बताया कि अभी तक वह कई क्विंटल फूल का उत्पादन कर चुके हैं। साथ ही उनके फूलों की मांग गंगोत्री, विश्वनाथ मंदिर सहित उत्तरकाशी के मुख्यालय और विभिन्न जगहों पर हो रहे आयोजनों में की जा रही है। इससे उन्हें घर पर ही स्वरोजगार मिल रहा है।
उर्मिला ने बताया कि वे चार-चार नाली मे इसे उगा रही हैं। जो कि 6 महिने की फसल होती है। उन्होंने बताया कि इसमें कभी लाख तक भी कमाई हो जाती है। हालांकि सब कुछ मौसम पर भी निर्भर है। उर्मिला ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहाड़ की महिला उद्यमी के तौर पर देहरादून में उनको सम्मानित किया। जिससे उन्हें अब और मेहनत करने की प्रेरणा मिली है। उनका प्रयास है कि गांव और क्षेत्र की अन्य महिलाओं को इससे जोड़कर स्वरोजगार को नया आयाम दिया जाए।