मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश अब अपना असर दिखाने लगी है। मसूरी-देहरादून मार्ग पर की-प्वाइंट के समीप मुख्य सड़क का एक हिस्सा भूस्खलन के कारण धंस गया है। सड़क के नीचे की मिट्टी खिसकने से हाइवे के किनारे बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिससे इस हिस्से के कभी भी पूरी तरह ढहने की आशंका पैदा हो गई है। अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो मसूरी को देहरादून से जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ी से पानी का दबाव बढ़ गया है। इसके चलते सड़क के नीचे की जमीन लगातार खिसक रही है। सड़क का किनारा हवा में लटकता नजर आने लगा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क हर घंटे और अधिक धंसती दिखाई दे रही है। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि यह मार्ग मसूरी और देहरादून के बीच सबसे व्यस्त संपर्क मार्ग है। यहां से प्रतिदिन हजारों स्थानीय लोग, पर्यटक, स्कूली वाहन और आवश्यक वस्तुओं से जुड़े वाहन गुजरते हैं। ऐसे में सड़क की मौजूदा स्थिति दुर्घटना की आशंका को बढ़ा रही है।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग को सूचित किया। विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर सुरक्षा की दृष्टि से आवश्यक इंतजाम शुरू कर दिए हैं। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाने की तैयारी की जा रही है, ताकि वाहन चालक सतर्क रह सकें। यहां पर किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।
लगातार हो रही बारिश ने मसूरी के लोगों की चिंताएं भी बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि मौजूदा हालात उन्हें 15 सितंबर 2025 की उस भीषण आपदा की याद दिला रहे हैं, जब भारी बारिश और भूस्खलन से मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ था। उस समय कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई थीं। यातायात प्रभावित हुआ था और जनजीवन लंबे समय तक अस्त-व्यस्त रहा था।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर अत्यधिक सावधानी बरतें। वाहन चालकों को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में धीमी गति से चलने और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।