logo

most visited

  • Covid-19 vaccine: MoU on Sinopharm co-production to be signed on August 16, 2021

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • Anyone can get dressed up and glamorous, but it is how people dress in their days off.

    • Xgenious
    • June 19, 2022
  • I always felt that my greatest asset was not my physical ability, it was my mental ability.

    • Xgenious
    • June 19, 2022

tags

  • News
  • Fashion
  • Politics
  • Sport
  • Food
  • Videos
  • Business

Follow Us

  • Dehradun Saturday, 7 November 2026
  • Contact Us
logo
Uttarakhand DIPR Uttarakhand DIPR
  • Home
  • Uttarakhand
    • Uttarakhand
    • Nainital
    • Dehradun
  • National
  • International
  • Economics
  • Sports
  • Entertainment
  • Education
  • Editorial
  • More
    • Technology
    • Spirituality
    • Thoughts
    • Lifestyle

BREAKING NEWS

  • 'उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनने पर घर-कुड़ी पेंशन योजना शुरू करेंगे', हरीश रावत ने किया ऐलान.
  • उत्तराखंड में सुशासन को मिलेगी मजबूती: CM धामी ने किया ‘देवभूमि परिवार पोर्टल’ का शुभारंभ, ‘विजन-2047’ का विमोचन.
  • उत्तरकाशी के केदारताल में फंसे 8 लोगों की तलाश जारी, हेलीकॉप्टर से दो बार हवाई सर्वे, अब तक नहीं मिला सुराग.
  • नवीकरणीय ऊर्जा में उत्तराखंड का कमाल, RE-SAF रैंकिंग में देश में दूसरा स्थान, उपराष्ट्रपति करेंगे सम्मानित.
  • जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे में मृतक पायलट समेत सभी छह शव मिले, सरकार ने दिए जांच के आदेश.
 
  • Home
  • उत्तराखंड: '7 दिन में जवाब दो वरना होगी बेदखली', झड़ीपानी में रेलवे भूमि विवाद फिर गरमाया, रेलवे ने भेजे नोटिस

उत्तराखंड: '7 दिन में जवाब दो वरना होगी बेदखली', झड़ीपानी में रेलवे भूमि विवाद फिर गरमाया, रेलवे ने भेजे नोटिस.

 
  • Vishal Choubey
  • 17 Jul 2026
  • 885
image  

 

मसूरी: मसूरी के झड़ीपानी क्षेत्र में रेलवे भूमि को लेकर सालों पुराना विवाद एक बार फिर गरमा गया है। उत्तर रेलवे ने सार्वजनिक परिसर अधिनियम 1971 के तहत कई परिवारों को नोटिस भेजे हैं। इसमें 7 दिन के अंदर पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे ने चेतावनी दी है कि जवाब संतोषजनक न होने पर एकतरफा बेदखली की कार्रवाई की जाएगी।

रेलवे के संपदा अधिकारी, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम गुरुवार को नोटिस कार्रवाई के लिए झड़ीपानी पहुंची। टीम के आते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और रेलवे की कार्रवाई का विरोध करने लगे। इस दौरान कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से सवाल पूछे कि उन्हें किस आधार पर अतिक्रमणकारी कहा जा रहा है।

मामला जानिए

स्थानीय निवासियों के मुताबिक, वे वर्षों से यहां रह रहे हैं। उनके मकानों की विधिवत रजिस्ट्री है। नगर पालिका में नामांतरण भी हो चुका है और वे नियमित रूप से करों का भुगतान करते हैं। ऐसे में रेलवे द्वारा बार-बार बेदखली का नोटिस भेजना उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसा है। लोगों का कहना है कि यदि उनके दस्तावेज अवैध हैं तो संबंधित विभाग अब तक उन्हें वैध कैसे मानते रहे।

कई परिवारों ने कहा कि उन्होंने जीवनभर की कमाई लगाकर यहां घर बनाए हैं। अब अचानक बेदखली की कार्रवाई से उनके सामने अपने आशियाने के साथ भविष्य का भी संकट खड़ा हो गया है।

नोटिस मिलने पर स्थानीय लोगों ने क्या कहा?

रेलवे के अनुसार, संबंधित परिवार रेलवे की सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से बसे हैं। इसी आधार पर सार्वजनिक परिसर अधिनियम 1971 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि गुरुवार को हुई कार्रवाई के दौरान रेलवे अधिकारियों ने मीडिया के सामने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। नोटिस मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर बेदखली की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। उनका कहना है कि जब तक जमीन के स्वामित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक किसी परिवार को बेघर करना न्यायसंगत नहीं होगा।
 

यह नया नहीं है विवाद

आपको बता दें कि झड़ीपानी में रेलवे भूमि का विवाद नया नहीं है। पिछले कई सालों से रेलवे समय-समय पर नोटिस जारी करता रहा है। हर बार स्थानीय लोग अपने कागजों के आधार पर जमीन पर अपना हक जताते हैं, जबकि रेलवे इसे अपनी संपत्ति बताता है। इसी वजह से यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित न रहकर कानूनी और सामाजिक विवाद बन चुका है।

सबकी नजर 7 दिन की नोटिस अवधि पर

फिलहाल सबकी नजर 7 दिन की नोटिस अवधि पर है। इस दौरान प्रभावित परिवार रेलवे के सामने अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद संपदा अधिकारी तय करेंगे कि दिया गया जवाब संतोषजनक है या बेदखली की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी। अगर मामला कोर्ट तक पहुंचा तो झड़ीपानी का यह पुराना भूमि विवाद एक बार फिर कानूनी बहस का केंद्र बन सकता है।

 

 

 
Share
Previous Post
उत्तराखंड ही क्यों? देहरादून में कल 'छात्रों की गूंज' में शामिल होंगे राहुल गांधी, क्या है वजह
Next Post
Uttarakhand Weather Today, 17 July: देहरादून, हरिद्वार समेत उत्तराखंड के 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, पर्वतीय जिलों में मौसम हुआ सुहाना
First Image Second Image

Latest Video

More Videos

Uttarakhand DIPR
Uttarakhand DIPR

Follow Us

Subscribe Us

Subscribe Us For Latest Updates.

logo

Uttarakhandbyte is a fast-growing news platform delivering the latest news and analysis from India.

  • Editor: Kunal Kataria
  • 100 Sarthi Vihar, Ajabpur Danda, Post Office - NehruGram, Dehradun, Uttarakhand
  • 9557993990
  • uttarakhandbyte@gmail.com

Popular News

  • image

    मुख्यमंत्री धामी ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, परिजनों को किया सम्मानित.

    • 22 Oct 2026
  • image

    CM धामी ने जनपदीय पुलिस में महिला आरक्षियों के पद बढ़ाकर 2000 किए जाने के प्रस्ताव को दी मंजूरी.

    • 16 Oct 2026
  • image

    कौन हैं सुबोध उनियाल? दलेर मेहंदी को भरे मंच पर लताड़ा, कहा- नशे में बोल तक नहीं पा रहे, गाना क्या गाओगे.

    • 21 Oct 2026

Recent News

  • image

    'उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनने पर घर-कुड़ी पेंशन योजना शुरू करेंगे', हरीश रावत ने किया ऐलान.

    • 03 Nov 2026
  • image

    उत्तराखंड में सुशासन को मिलेगी मजबूती: CM धामी ने किया ‘देवभूमि परिवार पोर्टल’ का शुभारंभ, ‘विजन-2047’ का विमोचन.

    • 02 Nov 2026
  • image

    उत्तरकाशी के केदारताल में फंसे 8 लोगों की तलाश जारी, हेलीकॉप्टर से दो बार हवाई सर्वे, अब तक नहीं मिला सुराग.

    • 02 Nov 2026

Copyright © Uttarakhandbyte 2022-26 All Rights Reserved.

Website By : World IT Dimensional Solutions.