मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिस किमाड़ी मार्ग को खराब मौसम के दौरान राहत और वैकल्पिक रास्ते के रूप में देखा जाता था, वही मार्ग अब भूस्खलन की जद में आकर बंद हो गया है। पहाड़ी से लगातार मलबा और पत्थर गिरने के कारण प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर यातायात रोकना पड़ा।
दरअसल, मानसून के दौरान जब भी मुख्य मार्गों पर दबाव बढ़ता है या कहीं अवरोध की स्थिति बनती है, तब किमाड़ी रोड स्थानीय लोगों और यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प साबित होती है। लेकिन इस बार बारिश इतनी भारी पड़ी कि यह "बैकअप प्लान" भी फेल हो गया। किमाड़ी मार्ग पर कई स्थानों पर पहाड़ दरकने की सूचना है। सड़क पर लगातार पत्थर और मलबा आने से हादसे का खतरा बढ़ गया था। इसके बाद प्रशासन और लोक निर्माण विभाग ने एहतियातन मार्ग को बंद कर दिया। जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन लगातार बारिश राहत कार्यों में चुनौती बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि किमाड़ी मार्ग बंद होने से आवागमन की चिंता बढ़ गई है। खासकर ऐसे समय में जब मौसम विभाग लगातार बारिश की चेतावनी दे रहा है। लोगों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन संभावित स्थानों पर स्थायी सुरक्षा उपायों की जरूरत है, ताकि हर मानसून में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बारिश से पहाड़ियों की मिट्टी कमजोर हो जाती है, जिससे अचानक भूस्खलन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। यही कारण है कि प्रशासन भी किसी तरह का जोखिम लेने के बजाय पूरी सतर्कता बरत रहा है। फिलहाल किमाड़ी मार्ग पर मलबा हटाने और स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बंद मार्गों पर जाने का प्रयास न करें और यात्रा से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।