हल्द्वानी : नैनीताल जिले के हल्द्वानी में गौलापार क्षेत्र में बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। पानी की शटरिंग हटाने के दौरान जहरीली गैस के संपर्क में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दम घुटने से मौत हो गई। पड़ोसी और स्थानीय लोग तीनों को सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस हादसे में 65 वर्षीय सरस्वती देवी, उनके बड़े बेटे धर्मेंद्र बिष्ट (38) और छोटे बेटे खुशाल बिष्ट की दर्दनाक मौत हो गई। पड़ोसी और स्थानीय लोग तीनों को सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। धर्मेंद्र बिष्ट प्लंबिंग और खुशाल इलेक्ट्रिशियन का काम करते थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों भाइयों के छोटे बच्चे हैं। उनके परिवार के सामने अब आजीविका का संकट पैदा हो गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार शाम करीब 7 बजे धर्मेंद्र बिष्ट टंकी के अंदर शटरिंग हटाने नीचे उतरे थे। जब धर्मेंद्र काफी देर तक बाहर नहीं आए तो उनको देखने के लिए छोटा भाई खुशाल टंकी में नीचे उतरा। लेकिन जब खुशाल को भी काफी देर हो गई तो उनकी मां सरस्वती देवी बेटों को देखने के लिए खुद टंकी में उतर गईं। तीनों अंदर जाकर अचेत हो गए। पास के लोगों को किसी तरह हादसे की जानकारी हुई तो चीख पुकार मच गई। जो भी वहां पहुंचा जहरीली गैस के कारण उनका दम भी घुटने लगा। किसी तरह टंकी को तोड़कर तीनों को बाहर निकाला गया।
अस्पताल पहुंचाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। एसडीएम मोनिका आर्य ने बताया कि, लंबे समय से बंद बेसमेंट की टंकी में जहरीली गैस बनने के कारण यह हादसा हुआ है। हालांकि, गैस किस प्रकार की थी और उसकी मात्रा कितनी थी, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा। बताया गया कि टंकी लगभग 10 फीट लंबे, 10 फीट चौड़ी और इतने ही फीट गहरी थी। टंकी के पास गोबर गैस प्लांट भी बना हुआ है।