देहरादून: उत्तराखंड के अल्मोड़ा की बेटी तृप्ति भट्ट अपर सचिव गृह एवं कारागार की अहम जिम्मेदारी को संभाल रही हैं। इसके साथ ही पुलिस अधीक्षक फायर सर्विस का भी जिम्मा सौंपा गया है। तृप्ति भट्ट चमोली और टिहरी जैसे बड़े पहाड़ी जिलों की कमान संभाल चुकी हैं। कप्तान रहते तृप्ति ने हाईटेक पुलिसिंग के लिए कई काम किए।
दोनों जिलों में हाईटेक पुलिसिंग के लिए कई काम किए। चमोली जिले में अपनी पहली तैनाती के दौरान तृप्ति ने पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कई कार्य किए थे। इनमें राज्य का पहला वर्चुअल पुलिस स्टेशन शुरू करना उनकी एक प्रमुख एवं अभिनव पहल रही थी, जिसने पुलिसिंग के क्षेत्र में डिजिटल नवाचार का मार्ग प्रशस्त किया।
टिहरी में एसपी रहते तृप्ति ने मिशन हौंसला शुरू किया था, जिसकी काफी तारीफ हुई थी, कोविड के बाद लोगों के मिशन हौंसला नई उम्मीद लेकर आया। 40वीं वाहिनी पीएसी (हरिद्वार) की सेनानायक तृप्ति भट्ट ने बदरीनाथ कोतवाली को गोद लिया है। कोविड काल में एसडीआरएफ (SDRF) कमांडर रहते हुए तृप्ति ने सबसे अहम रोल अदा किया और लोगों के आने जाने से लेकर राशन पहुंचाने तक की सारी व्यवस्थाएं देखी।
तृप्ति का आईपीएस बनने का सफर सबसे अलग है। तृप्ति का जन्म एक सामान्य शिक्षक परिवार में हुआ था और वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनकी केवी से स्कूलिंग हुई। बचपन से ही मेधावी तृप्ति का सपना सिविल सेवा ही रहा। 9वीं क्लास में तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का अल्मोडा में एक कार्यक्रम था, जहां मेधावी छात्र के रूप में तृप्ति राष्ट्रपति से मिलीं और बहुत प्रभावित हुई, इसके बाद तृप्ति ने राष्ट्रपति को चिट्टी भेजी, जिसका उन्हें राष्ट्रपति भवन से जबाव भी मिला। यहीं से प्रेरणा लेकर उन्होंने समाज के लिए कुछ करने का मन बना लिया था।
इसके बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की राह पकड़ी और पंतनगर विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद तृप्ति भट्ट ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र इसरो समेत छह सरकारी नौकरियों की परीक्षाएं पास कीं और कई बड़ी कंपनियों में नौकरी ठुकराई। अपने करियर में तृप्ति ने 16 नौकरी छोड़ने के बाद सिविल सेवा को ज्वाइन किया।
तृप्ति भट्ट ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2013 में 165वीं रैंक हासिल की और आईपीएस बनीं। देहरादून में पहली एएसपी के पद पर नियुक्ति मिलीं। इसके बाद चमोली और टिहरी जैसे बड़े पहाड़ी जिलों की कमान संभाली। आईपीएस तृप्ति भट्ट राष्ट्रीय स्तर की 16 और 14 किमी मैराथन और राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं। तृप्ति को कविता, गाने और डांस का भी शौक है। जो कि वह कई बार स्टेज के जरिए भी दिखा चुकी हैं।