ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में रामझूला पुल पर ट्रैफिक को बंद कर दिया गया है। पुल पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह से रोक दिया गया है। लोक निर्माण विभाग नरेंद्र नगर की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया। दरअसल, पुल के जर्जर होने के कारण इस पर ट्रैफिक के संचालन से परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी। इसके बाद विभाग की ओर से मरम्मत कार्य को पहले पूरा कराने का निर्णय लिया गया है। दिसंबर माह में निर्माण कार्य को पूरा कराकर साल के आखिर तक पुल को ट्रैफिक के लिए खोलने का दावा विभाग ने किया है।
रामझूला पुल को उत्तराखंड के सबसे असुरक्षित पुलों की सूची में शामिल किया गया था। यह पुल काफी जर्जर स्थिति में है। पुल की मरम्मत को लेकर लंबे समय से योजना तैयार की जा रही थी। विभागीय स्तर पर योजना को मंजूरी मिली। सरकार ने पुल की मरम्मत के लिए करीब 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसके बाद पीडब्लूडी ने मरम्मत कार्य को शुरू किया।
पीडब्लूडी का कहना है कि गंगा नदी के भीतर रामझूला पुल के 20 पायों ओर 440 सस्पेंडर्स वायर को बदला जा रहा है। विभाग ने कार्यों को इस वर्ष दिसंबर तक पूरा कराने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में ट्रैफिक को रोककर पुल का लोड कम किया गया है। रामझूला पुल का निर्माण 1985 किया गया था। यह पुल 220 मीटर लंबा और 3 मीटर चौड़ा है। ऐतिहासिक सस्पेंशन पुल से मुनि की रेती और स्वर्गाश्रम इलाके कनेक्टेड हैं।
रामझूला पुल पर दोपहिया वाहनों का संचालन 17 अगस्त 2023 से बंद है। दरसअल, इस दिन भारी बारिश और गंगा में आए उफान के कारण सहायक तार टूट गई थीं। पुल में दरारें आ गईं। इसके बाद इस खतरनाक पुल पर दोपहिया वाहनों का परिचालन रोक दिया गया। इससे पहले जुलाई 2019 में भी कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ दिनों के लिए दोपहिया पर रोक लगी थी। लक्ष्मणझूला पुल के जर्जर होने के बाद 13 जुलाई 2018 को बंद कर दिया था। इसके बाद रामझूला पुल पर ट्रैफिक लोड बन गया था।
पीडब्लूडी के एक्सीक्यूटिव इंजीनियर प्रवीण कर्णवाल ने कहा कि रामझूला पुल को मरम्मत कार्य के लिए पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। दिसंबर माह तक पुल पर मरम्मत कार्य को पूरा करा लिया जाएगा। इसके बाद इस पुल को दोबारा खोल दिया जाएगा। पुल पर वाहनों के रोके जाने से दोनों तरफ की दुकानों पर सन्नाटा पसर गया है। व्यापारियों के चेहरे उतर गए हैं।