मसूरी: पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। बारिश का असर अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि रिहायशी इलाकों को भी अपनी चपेट में ले रहा है। हुसैनगंज क्षेत्र में मुख्य सड़क का हिस्सा धंसने से दो मकान खतरे की जद में आ गए हैं। एक घर में भारी मात्रा में मलबा घुसने से परिवार दहशत में है, जबकि दूसरे मकान के नीचे बना सुरक्षा पुश्ता क्षतिग्रस्त होने से बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय निवासी देवेंद्र सिंह भारती के मकान में सड़क से आया मलबा सीधे घर के भीतर घुस गया। इससे घरेलू सामान को नुकसान पहुंचा है। वहीं, मुरारी लाल के मकान के समीप सड़क का पुश्ता क्षतिग्रस्त हो गया है। लगातार हो रही बारिश के बीच क्षेत्र के लोग पूरी रात अनहोनी की आशंका में गुजारने को मजबूर हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हुसैनगंज लंबे समय से भूस्खलन और सड़क धंसने की समस्या झेल रहा है। हर मानसून में खतरा बढ़ जाता है, लेकिन स्थायी सुरक्षा कार्य अब तक नहीं हो सके हैं। लोगों का आरोप है कि अस्थायी मरम्मत के भरोसे क्षेत्र को छोड़ दिया जाता है, जबकि वैज्ञानिक ढंग से ढलानों को सुरक्षित करने, मजबूत पुश्ते बनाने और जल निकासी व्यवस्था सुधारने की जरूरत है।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय सभासद पवन थलवाल मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने तथा तकनीकी टीम भेजकर क्षेत्र का विस्तृत निरीक्षण कराने की मांग की। इसके बाद प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन शुरू किया। प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।
पिछले कुछ दिनों से मसूरी के विभिन्न हिस्सों में भूस्खलन, सड़क धंसने और मलबा आने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में स्थानीय नागरिकों का कहना है कि केवल राहत और मलबा हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। यदि संवेदनशील क्षेत्रों का स्थायी उपचार नहीं किया गया तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से इनकार नहीं किया जा सकता है।