देहरादून : देहरादून-पांवटा साहिब के पुराने राजमार्ग पर नंदा की चौकी स्थित टौंस नदी पर बने नये पुल में धंसाव आ गया है। करीब 16 करोड़ की लागत से बने इस पुल को हाल ही में शुरू किया गया था, लेकिन पहली ही बरसात में पुल के एक हिस्से में भारी क्षति हो गई। हालांकि जिला प्रशासन का दावा है कि पुलिया क्षतिग्रस्त होने या टूटने की चल रही खबरें पूरी तरह निराधार और अफवाह साबित हुई हैं।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची प्रेमनगर पुलिस एवं प्रशासनिक टीम ने बताया कि पुलिया का मूल ढांचा पूरी तरह सुरक्षित है और इसे कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जिलाधिकारी डॉ आशीष चौहान ने तकनीकी इंजीनियरों की टीम के साथ स्वयं इसका निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने 03 घंटे में सड़क को सुचारू करने के निर्देश दिए है।
इसी महीने 11 जुलाई की रात टौंस नदी के उफान ने ह्यूम पाइप के सहारे बनाई गई अस्थाई पुलिया को बहा दिया था, जिससे इलाके का संपर्क पूरी तरह टूट गया था। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग ने बचा काम निपटाकर 12 जुलाई से ही नवनिर्मित मुख्य पुल पर वाहनों की आवाजाही शुरू करा दी थी। लेकिन 17 दिनों में ही पुल में धंसाव आ गया।
अब इसकी गुणवत्ता और निर्माण कार्य को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। बता दें कि 15 सितंबर 2025 की रात में नंदा की चौकी का पुराना मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। पुल की एबटमेंट वॉल और एक स्लैब टूटने के बाद लोक निर्माण विभाग ने ह्यूम पाइप डालकर अस्थाई पुलिया तैयार की, 10 माह तक इसी पुलिया से लोगों की आवाजाही होती रही। इसके बाद मार्च 2026 में लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से मुख्य पुल के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया गया।
निर्माण पूरा होने के बाद 11 जुलाई की रात अस्थाई पुलिया धंस गई और 12 जुलाई से नए पुल पर यातायात शुरू कर दिया गया। लेकिन 17 दिन में ही पुल में धंसाव आ गया। जिससे यातायात बाधित हो गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में हो रही लगातार भारी बारिश के कारण पुलिया से जुड़ी एप्रोच रोड (संपर्क मार्ग) के नीचे की मिट्टी बह गई। इसके परिणामस्वरूप सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे सुरक्षा के दृष्टिकोण से यातायात प्रभावित हुआ है। सड़क के इस हिस्से को देखकर स्थानीय स्तर पर पुलिया ढहने की भ्रामक खबर फैल गई थी, जिसे पुलिस ने जांच के बाद पूरी तरह खारिज कर दिया।
घटनास्थल पर संबंधित कार्यदायी संस्था के तकनीकी कर्मी एवं पुलिस-प्रशासनिक अमला मुस्तैद है। क्षतिग्रस्त एप्रोच रोड की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों को पूरा करते हुए अतिशीघ्र मार्ग को ठीक कर दिया जाएगा, जिसके बाद इसे आमजन और वाहनों के आवागमन के लिए पुनः खोल दिया जाएगा। पुलिस व प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी भ्रामक या असत्यापित खबर पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें।