देहरादून: खेल मंत्री रेखा आर्या हरिद्वार से 22 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा निकालने जा रही हैं। खेल मंत्री वर्ष 2036 में ओलंपिक की मेजबानी भारत को मिले इसी संकल्प के साथ यह कांवड़ यात्रा करेंगी। उनकी यह यात्रा शिव भक्ति और खेल भावना के संगम का प्रतीक होगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने मीडिया से बातचीत के दौरान इस विशेष पावन कांवड़ यात्रा की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत को खेल महाशक्ति बनाने और वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी दिलाने के संकल्प को साकार करने के लिए यह यात्रा आयोजित की जा रही है।
रेखा आर्या ने बताया कि कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हरिद्वार स्थित हर की पौड़ी से होगा और इसका समापन ऋषिकेश के पावन वीरभद्र मंदिर में जलाभिषेक के साथ होगा। उन्होंने कहा कि भगवान भोलेनाथ के चरणों में जलाभिषेक कर भारत को वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी मिलने और देश को खेलों के क्षेत्र में विश्व अग्रणी बनाने का संकल्प लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड सदैव राष्ट्रीय संकल्पों को ऊर्जा देने वाली भूमि रही है।
उन्होंने कहा कि पैदल कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, खेल चेतना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प का संगम होगी। वहीं, उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि देवभूमि से उठने वाली यह संकल्प यात्रा देशभर के युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि कांवड़ यात्रा में संत-समाज का सान्निध्य मिलेगा। उनकी इस कांवड़ यात्रा में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक एवं अंतरराष्ट्रीय महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र रवींद्र पुरी महाराज भी अलग-अलग चरणों में शामिल होंगे। वहीं, प्रदेश और देश के खिलाड़ी, युवा, खेल प्रेमी व बड़ी संख्या में आम नागरिक भी इसमें शामिल होंगे।
खेल मंत्री ने प्रदेश के युवाओं, खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, संत-समाज और आमजन से 10 अगस्त को हर की पौड़ी से ऋषिकेश तक आयोजित इस पावन कांवड़ यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक संकल्प से भारत खेल महाशक्ति बनने और वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने के लक्ष्य की ओर मजबूत कदम बढ़ाएगा।