मसूरी: उत्तराखंड के मसूरी नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक में मंगलवार को 34 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों को हाउस टैक्स में राहत, सरकारी आवासों पर अवैध कब्जे हटाने, कूड़ा प्रबंधन को आधुनिक बनाने, डॉग शेल्टर और एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर की स्थापना समेत कई अहम फैसले लिए गए। पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि नगर पालिका पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य कर रही है और हर आय-व्यय का ब्यौरा बोर्ड के समक्ष रखा जा रहा है।
बैठक का सबसे अहम निर्णय मसूरी के स्थायी वरिष्ठ नागरिकों के हित में लिया गया। बोर्ड ने तय किया कि जिन वरिष्ठ नागरिकों के नाम मसूरी में स्वयं की संपत्ति है, उन्हें हाउस टैक्स में 15 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। पालिका का मानना है कि इससे लंबे समय से शहर में रह रहे बुजुर्गों को आर्थिक राहत मिलेगी।
पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने बताया कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारी मसूरी छोड़ चुके हैं, लेकिन अब भी पालिका के सरकारी आवासों पर उनका कब्जा बना हुआ है। ऐसे सभी आवासों का सर्वे कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को सरकारी आवास की आवश्यकता नहीं है या जो नियमों के विरुद्ध कब्जा किए हुए हैं, उनसे नियमानुसार आवास खाली कराया जाएगा। वहीं, जो सेवानिवृत्त कर्मचारी पालिका आवास में रहना चाहते हैं, उनसे किरायानामा कराकर बाजार दर के अनुसार किराया लिया जाएगा। बोर्ड ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सेवा निवृत्ति के दिन ही भविष्य निधि (पीएफ) का भुगतान सुनिश्चित करने का प्रस्ताव भी पारित किया।
मीरा सकलानी ने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 64.29 करोड़ रुपये की अनुमानित आय और 64.19 करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय का बजट बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
इसके अलावा वर्ष 2025-26 के आय-व्यय का ब्यौरा भी रखा गया। फरवरी 2026 तक पालिका को 51.03 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि 45.46 करोड़ रुपये का व्यय दर्ज किया गया। बैठक में फरवरी से जुलाई तक पालिका के सभी वाहनों में डाले गए डीजल और पेट्रोल का वाहनवार विवरण भी प्रस्तुत किया गया।
पालिका अध्यक्ष ने कहा कि शहर में कूड़ा प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान बोर्ड के कार्यभार संभालने के समय बायो-मीथेन प्लांट बंद था, लेकिन अब भारत सरकार से इसके संचालन के लिए धनराशि मिल चुकी है।
फिलहाल लॉर्ड शिवा कंपनी घर-घर से कूड़ा संग्रह कर रही है। भविष्य में गीले कूड़े का वैज्ञानिक निस्तारण बायो-मीथेन प्लांट के माध्यम से किया जाएगा।
नगर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या को देखते हुए बोर्ड ने डॉग शेल्टर बनाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही झड़ीपानी स्थित गौशाला परिसर में एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर स्थापित किया जाएगा, जहां नसबंदी कार्यक्रम संचालित कर आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित की जाएगी।
पर्यटन सीजन में यातायात और नगर व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए बोर्ड ने अधिकतम तीन माह के लिए आउटसोर्स के माध्यम से 35 कर्मचारियों की सेवाएं जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। साथ ही वर्तमान अनुबंध को तीन माह बढ़ाने और आगामी तीन वर्षों के लिए नई निविदा जारी करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई।
पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि नगर पालिका पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है। हर आय-व्यय, वाहनों के ईंधन खर्च और सभी महत्वपूर्ण प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कूड़ा प्रबंधन, बायो-मीथेन प्लांट, डॉग शेल्टर और ABC सेंटर जैसी योजनाएं नगर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।