देहरादून : देहरादून के प्रेमनगर में शराब की होम डिलीवरी करने वाले नेटवर्क का आबकारी विभाग ने खुलासा किया है। इस पूरे नेटवर्क को हरियाणा का लॉ स्टूडेंट व्हाट्सएप के जरिए चला रहा था, जो कि प्रेमनगर क्षेत्र में पीजी और हॉस्टल में शराब की होम डिलीवरी करवाता था। आशंका है कि आरोपी 5 से 10 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान सालाना कर रहा था।
बताया जा रहा है कि पिछले 4 सालों से आरोपी प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिधौली में अवैध बिजनेस चला रहा था। आरोपी दिल्ली और हरियाणा से सस्ती शराब लाकर पीजी और हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं को इंपोर्टेड शराब के नाम पर सप्लाई कराता था। खास बात ये है कि शराब की डिलीवरी के लिए युवक ने 15 हजार रुपए की सैलरी पर कुछ युवाओं को भी रखा था।
आबकारी विभाग नेटवर्क के एक सदस्य को 10 पेटी इंपोर्टेड शराब के साथ गिरफ्तार किया गया है। मास्टरमाइंड ने कोर्ट में सरेंडर किया है। आबकारी विभाग ने आरोपी की मां और चार साथियों को गिरफ्तार किया है। आबकारी विभाग के अनुसार 25 वर्षीय गर्वित उर्फ विक्रांत मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है। वह साल 2022 में देहरादून में आया और एक कैफे शुरू किया।
इसके साथ ही निजी यूनिवर्सिटी में लॉ की पढ़ाई करने लगा। आरोप है कि पढ़ाई के साथ उसने शराब की तस्करी शुरू कर दी और धीरे-धीरे अपना नेटवर्क खड़ा कर लिया। बाद में उसने बिधौली क्षेत्र में तीन कैफे भी शुरू किए और अपने परिवार के साथ देहरादून में रहने लगा।
आरोपी ने पीजी और हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं को शराब की होम डिलीवरी कराने के लिए रेट कार्ड भी छपवा रखे थे। शराब की डिलीवरी के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। इसमें डिलीवरी करने वाले युवाओं को जोड़ा गया था। युवक सुबह और शाम सेल्फी के जरिए अपनी हाजिरी लगाते थे। इसी ग्रुप में डिलीवरी की लोकेशन, शराब की सप्लाई और पैसों के लेनदेन को लेकर सारी बातचीत होती थी। डिलीवरी देने लड़के दो व्हीलर से जाते थे। आरोपी प्रतिदिन 20 से 25 पेटी इम्पोर्टेड शराब की बिक्री करता था।